हिमाचल सरकार लेगी 700 करोड़ का नया कर्ज, 13 साल के SDL बांड होंगे जारी
हिमाचल सरकार लेगी 700 करोड़ का नया कर्ज, 13 साल के SDL बांड होंगे जारी

Post by : Himachal Bureau

July 4, 2026 4:09 p.m. 125

शिमला: वित्तीय संसाधनों को मजबूत करने और राज्य में चल रही विकास परियोजनाओं के लिए धन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हिमाचल प्रदेश सरकार ने 700 करोड़ रुपये का नया ऋण लेने का निर्णय लिया है। वित्त विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार सरकार यह राशि 13 वर्ष की अवधि वाले स्टेट डेवलपमेंट लोन (SDL) के माध्यम से जुटाएगी। इस उधारी के लिए केंद्र सरकार की मंजूरी भी मिल चुकी है और अब इसकी प्रक्रिया भारतीय रिजर्व बैंक के माध्यम से पूरी की जाएगी।

7 जुलाई को होगी नीलामी, 8 जुलाई को होगा भुगतान

वित्त विभाग के अनुसार 700 करोड़ रुपये के इस एसडीएल बांड की नीलामी 7 जुलाई 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुंबई कार्यालय द्वारा ई-कुबेर (e-Kuber) प्रणाली के जरिए आयोजित की जाएगी। इस प्रक्रिया में निवेशक अपनी बोली लगाएंगे और सफल बोलीदाताओं को 8 जुलाई 2026 को राशि का भुगतान करना होगा। बांड की ब्याज दर भी नीलामी के दौरान तय होने वाली कट-ऑफ यील्ड के आधार पर निर्धारित की जाएगी।

चालू वित्त वर्ष में 2800 करोड़ रुपये तक पहुंचेगी उधारी

700 करोड़ रुपये के इस नए ऋण के साथ चालू वित्त वर्ष में हिमाचल प्रदेश सरकार की कुल उधारी लगभग 2800 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी। इसके बाद राज्य पर कुल बकाया कर्ज बढ़कर करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। बढ़ते कर्ज को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर निशाना साधता रहा है, जबकि सरकार का कहना है कि विकास कार्यों और वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए यह उधारी आवश्यक है।

विकास योजनाओं और आधारभूत ढांचे पर होगा खर्च

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस ऋण से प्राप्त होने वाली राशि का उपयोग राज्य की विभिन्न विकास योजनाओं, सड़क, पुल, भवन और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं के लिए समय पर धन उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि विकास कार्यों की गति प्रभावित न हो और प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिल सके।

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2039 तक होगी मैच्योरिटी, साल में दो बार मिलेगा ब्याज

अधिसूचना के अनुसार यह स्टेट डेवलपमेंट लोन 13 वर्ष की अवधि का होगा और इसकी मैच्योरिटी 8 जुलाई 2039 को पूरी होगी। निवेशकों को इस बांड पर मिलने वाला ब्याज प्रत्येक वर्ष 8 जनवरी और 8 जुलाई को दो किस्तों में दिया जाएगा। वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक ने इस निर्गम का 10 प्रतिशत हिस्सा गैर-प्रतिस्पर्धी (Non-Competitive) बोलीदाताओं के लिए भी आरक्षित रखा है, ताकि छोटे और पात्र निवेशकों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जा सके।

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