बैडमिंटन का नया स्कोरिंग सिस्टम लागू, अब 21 नहीं 15 अंक का होगा गेम
बैडमिंटन का नया स्कोरिंग सिस्टम लागू, अब 21 नहीं 15 अंक का होगा गेम

Post by : Himachal Bureau

July 3, 2026 12:12 p.m. 377

भारतीय बैडमिंटन में खेल के नियमों में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (बीएआई) ने घोषणा की है कि जुलाई 2026 से देश के सभी प्रमुख घरेलू टूर्नामेंट में नया स्कोरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। इस नए नियम के तहत अब खिलाड़ियों को 21 अंकों की जगह 15 अंकों का गेम खेलना होगा। इस बदलाव का उद्देश्य खेल को और तेज, रोमांचक और दर्शकों के लिए अधिक आकर्षक बनाना है। साथ ही खिलाड़ियों और अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लागू होने वाले नए नियमों के लिए पहले से तैयार करना भी इसका मुख्य लक्ष्य है।

पहली बार इस टूर्नामेंट में होगा इस्तेमाल

नए स्कोरिंग सिस्टम का पहला उपयोग 7 से 14 जुलाई तक केरल के एर्नाकुलम स्थित रीजनल स्पोर्ट्स सेंटर में आयोजित होने वाले ऑल इंडिया सीनियर रैंकिंग बैडमिंटन टूर्नामेंट में किया जाएगा। इसके बाद यह नियम देशभर में होने वाली सभी जोनल चैंपियनशिप, घरेलू रैंकिंग प्रतियोगिताओं और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में लागू रहेगा। इससे सभी खिलाड़ियों को एक समान नियमों के तहत खेलने का अवसर मिलेगा।

इन सभी आयु वर्गों में लागू होंगे नए नियम

बीएआई ने साफ किया है कि नया स्कोरिंग सिस्टम केवल सीनियर खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसे अंडर-11, अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17, अंडर-19, सीनियर और मास्टर्स सहित सभी आयु वर्गों की प्रतियोगिताओं में लागू किया जाएगा। यानी देश में होने वाले लगभग हर बड़े घरेलू बैडमिंटन टूर्नामेंट में अब यही नियम अपनाए जाएंगे।

21 की जगह अब 15 अंक का होगा गेम

नए नियमों के अनुसार मैच पहले की तरह बेस्ट ऑफ-3 गेम के आधार पर ही खेले जाएंगे, लेकिन अब हर गेम 21 अंकों की बजाय 15 अंकों का होगा। इससे मैच का समय कम होगा और मुकाबले अधिक तेज गति से आगे बढ़ेंगे। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इससे खिलाड़ियों को शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाना होगा और हर अंक का महत्व पहले से ज्यादा बढ़ जाएगा।

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ड्यूस और जीत का नया नियम क्या होगा

यदि किसी गेम में दोनों खिलाड़ियों का स्कोर 14-14 हो जाता है, तो जीत के लिए दो अंकों की बढ़त जरूरी होगी। हालांकि यदि मुकाबला 20-20 तक पहुंच जाता है, तो उसके बाद जो खिलाड़ी अगला अंक जीतेगा, वही गेम अपने नाम कर लेगा। इससे लंबे समय तक चलने वाले गेम की संभावना कम हो जाएगी और मुकाबले जल्दी समाप्त होंगे।

ब्रेक और कोर्ट बदलने के नियम भी बदले

नए स्कोरिंग सिस्टम में मिड-गेम ब्रेक भी बदला गया है। पहले खिलाड़ियों को 11 अंक पर 60 सेकंड का ब्रेक मिलता था, लेकिन अब यह ब्रेक 8 अंक पर मिलेगा। इसके अलावा यदि मैच तीसरे गेम तक पहुंचता है, तो खिलाड़ी 8 अंक पूरे होने पर कोर्ट बदलेंगे। वहीं गेम खत्म होने के बाद मिलने वाला 120 सेकंड का ब्रेक पहले की तरह जारी रहेगा। अगले गेम की पहली सर्विस भी पिछले गेम का विजेता ही करेगा।

बीएआई ने बदलाव की वजह बताई

बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव संजय मिश्रा ने कहा कि घरेलू स्तर पर इस नए नियम को पहले लागू करने का उद्देश्य खिलाड़ियों, कोच और तकनीकी अधिकारियों को समय रहते इसकी पूरी जानकारी और अभ्यास देना है। उनका मानना है कि जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह नियम लागू होंगे, तब भारतीय खिलाड़ी पहले से ही इस फॉर्मेट में खेलने के आदी होंगे और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

जनवरी 2027 से अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन में भी लागू होगा नियम

बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) भी इस नए स्कोरिंग सिस्टम को जनवरी 2027 से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लागू करने की तैयारी कर रहा है। ऐसे में भारत का यह फैसला खिलाड़ियों के लिए एक बड़ी तैयारी माना जा रहा है। इससे भारतीय खिलाड़ी नए नियमों के अनुसार पहले से अभ्यास कर सकेंगे और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार रहेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि 15 अंकों वाला नया स्कोरिंग सिस्टम मैचों को पहले से अधिक तेज और रोमांचक बना सकता है। खिलाड़ियों को शुरुआत से ही आक्रामक रणनीति अपनानी होगी, जबकि दर्शकों को कम समय में ज्यादा रोमांच देखने को मिलेगा। अब सभी की नजर जुलाई 2026 में शुरू होने वाले पहले घरेलू टूर्नामेंट पर रहेगी, जहां इस नए नियम की असली परीक्षा होगी।

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