सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर 51 हजार जुर्माना
सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर 51 हजार जुर्माना

Author : Rajesh Vyas

Sept. 30, 2026 3:09 p.m. 128

सिरमौर, 30 सितंबर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र की सखोली ग्राम पंचायत इन दिनों शादी समारोहों में होने वाले अनावश्यक खर्च और दिखावे को कम करने के फैसले को लेकर चर्चा में है। पंचायत के 24 वर्षीय युवा प्रधान कमलेश चौहान की पहल के तहत शादी समारोहों से जुड़े कई नियम तय किए गए हैं। इन नियमों का उद्देश्य परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक दबाव को कम करना और विवाह समारोहों में सादगी को बढ़ावा देना बताया गया है। पंचायत के फैसले के अनुसार यदि कोई व्यक्ति तय नियमों का उल्लंघन करता है तो उस पर ₹51 हजार जुर्माना लगाया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित परिवार को पूरी पंचायत के लिए सामूहिक भोज भी करवाना होगा।

दुल्हन के गहनों को लेकर भी बनाया नियम

सखोली ग्राम पंचायत के नए नियमों में शादी के दौरान दुल्हन द्वारा पहने जाने वाले गहनों को भी सीमित किया गया है। तय व्यवस्था के अनुसार दुल्हन केवल तीन प्रकार के गहने पहन सकेगी। इनमें मंगलसूत्र, नाक की तिल्ली या नथ और कानों के झुमके शामिल हैं। पंचायत का यह फैसला शादी समारोहों में महंगे आभूषणों और अनावश्यक प्रदर्शन से जुड़े खर्च को सीमित करने के उद्देश्य से लिया गया है। ग्रामीण क्षेत्र में कई परिवार सामाजिक दबाव के कारण विवाह समारोह में अपनी क्षमता से अधिक खर्च कर देते हैं। ऐसे में पंचायत ने खर्च कम करने के लिए कुछ परंपराओं को सीमित करने का प्रयास किया है।

बारात में अधिकतम 10 वाहनों की अनुमति

शादी के नियमों के तहत बारात में शामिल होने वाले वाहनों की संख्या भी तय की गई है। अब बारात में अधिकतम 10 वाहन ही शामिल किए जा सकेंगे। पंचायत के अनुसार वाहनों की संख्या सीमित करने का उद्देश्य भी अनावश्यक खर्च और दिखावे को कम करना है। बड़ी संख्या में वाहनों के इस्तेमाल से होने वाले अतिरिक्त खर्च को रोककर विवाह समारोह को अधिक सादगीपूर्ण बनाने पर जोर दिया गया है।

महंगी रस्मों और उपहारों पर भी रोक

पंचायत ने शादी से जुड़ी कुछ महंगी रस्मों को भी सीमित करने का फैसला किया है। इसमें मामा के स्वागत से जुड़ी रस्म भी शामिल है। अब इस रस्म में केवल सगा मामा ही शामिल होगा। इसके अलावा महंगे उपहार देने या बकरा देने जैसी परंपराओं को भी खत्म करने का निर्णय लिया गया है। पंचायत ने शादी में फिजूलखर्ची को कम करने के लिए 'बुलडोज' और 'गेरू फेरनू' जैसी रस्मों को भी बंद करने का फैसला किया है। इन नियमों के पीछे पंचायत का उद्देश्य यह बताया गया है कि शादी समारोह में परिवारों को अपनी आर्थिक क्षमता से अधिक खर्च करने के लिए सामाजिक दबाव का सामना न करना पड़े।

नियम तोड़ने पर 51 हजार रुपये का जुर्माना

पंचायत के फैसले का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा नियमों के उल्लंघन पर लगाया जाने वाला जुर्माना है। यदि कोई व्यक्ति तय नियमों का पालन नहीं करता है तो उसे ₹51 हजार जुर्माना देना होगा। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति या परिवार को पूरी पंचायत के लिए सामूहिक भोज भी करवाना होगा। इस व्यवस्था के जरिए पंचायत ने नियमों को केवल सलाह तक सीमित रखने के बजाय उनके पालन को सुनिश्चित करने की कोशिश की है।

आर्थिक बोझ कम करना है मुख्य उद्देश्य

युवा प्रधान कमलेश चौहान की पहल का मुख्य उद्देश्य शादी समारोहों में होने वाले अनावश्यक खर्च को कम करना बताया गया है। ग्रामीण इलाकों में विवाह को लेकर कई सामाजिक परंपराएं लंबे समय से चली आ रही हैं। कई बार इन परंपराओं को निभाने के लिए परिवारों को अपनी आर्थिक स्थिति से अधिक खर्च करना पड़ता है। पंचायत का मानना है कि सादगीपूर्ण विवाह से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक दबाव कम हो सकता है। इसके साथ ही विवाह समारोह में दिखावे की प्रतिस्पर्धा को भी सीमित किया जा सकता है।

सामाजिक समानता को बढ़ावा देने की कोशिश

सिरमौर पंचायत के इस फैसले को सामाजिक समानता से जोड़कर भी देखा जा रहा है। नियमों के जरिए यह कोशिश की गई है कि शादी समारोह में आर्थिक स्थिति के आधार पर परिवारों के बीच दिखावे की प्रतिस्पर्धा कम हो। एक समान व्यवस्था लागू होने से परिवारों पर महंगे गहने, बड़ी बारात, महंगे उपहार और विभिन्न रस्मों पर अधिक खर्च करने का दबाव कम करने का प्रयास किया गया है।

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पूरे हिमाचल में चर्चा में आया फैसला

सखोली ग्राम पंचायत का यह निर्णय अब सिरमौर जिले से बाहर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। खासतौर पर कम उम्र में पंचायत की जिम्मेदारी संभाल रहे प्रधान द्वारा विवाह समारोहों में फिजूलखर्ची रोकने के लिए नियम तय किए जाने पर लोगों का ध्यान गया है। पंचायत का यह कदम स्थानीय स्तर पर सामाजिक परंपराओं और सामुदायिक निर्णयों के जरिए खर्च कम करने की कोशिश के रूप में सामने आया है।

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