हमीरपुर में हर पंचायत में कूड़ा छंटाई के लिए शैड बनाने के निर्देश, एडीसी ने दिए आदेश
हमीरपुर में हर पंचायत में कूड़ा छंटाई के लिए शैड बनाने के निर्देश, एडीसी ने दिए आदेश

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Sept. 23, 2026 4:22 p.m. 109

हमीरपुर में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने ठोस कचरा प्रबंधन पर जोर दिया है। बुधवार को हमीर भवन में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की समीक्षा बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता एडीसी अभिषेक गर्ग ने की। उन्होंने जिले के सभी बीडीओ को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तेजी से कदम उठाने के निर्देश दिए।

हर पंचायत में कूड़ा छंटाई के लिए बनाया जाए शैड

एडीसी अभिषेक गर्ग ने कहा कि ठोस कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उसका उचित प्रबंधन किया जाना जरूरी है। नियमों के तहत कचरे की चार मुख्य श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। इनमें गीला कचरा, सूखा कचरा, सेनेटरी कचरा और खतरनाक कचरा शामिल हैं। गीले कचरे में बचा हुआ भोजन, फल और सब्जियां आदि आती हैं, जबकि सूखे कचरे में प्लास्टिक, कागज, धातु और कांच शामिल हैं। दवाइयां, बैटरी, सीएफएल बल्ब, पेंट और इलेक्ट्रॉनिक सामान खतरनाक कचरे की श्रेणी में रखे गए हैं। एडीसी ने निर्देश दिए कि कचरे की छंटाई के लिए प्रत्येक पंचायत में प्राथमिकता के आधार पर शैड बनाए जाएं। इनके निर्माण के लिए 16वें वित्त आयोग की धनराशि और वीबी-जीरामजी योजना के तहत उपलब्ध संसाधनों का कन्वर्जेंस किया जा सकता है।

दस दिन में तैयार करनी होगी कचरा एकत्रीकरण की प्रक्रिया

अभिषेक गर्ग ने सभी बीडीओ को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्लास्टिक, पॉलीथिन और अन्य कचरे के एकत्रीकरण के लिए दस दिन के भीतर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रभावी प्रक्रिया तैयार करें। उन्होंने कहा कि नए पंचायत जनप्रतिनिधियों को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की विभिन्न प्रक्रियाओं की जानकारी देकर ठोस कचरा प्रबंधन, शौचालय निर्माण और स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों को गति दी जा सकती है। बैठक में जिले के सभी छह ब्लॉकों में संचालित प्लास्टिक कचरा प्रबंधन इकाइयों की रिपोर्ट भी मांगी गई।

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हमीरपुर के 1,675 गांव खुले में शौच से मुक्त

बैठक में बताया गया कि हमीरपुर जिले के सभी 1,675 गांव खुले में शौच से मुक्त हैं। इनमें से 1,613 गांवों को मॉडल गांव घोषित किया जा चुका है और उनका डाटा भी अपलोड कर दिया गया है। बाकी गांवों को मॉडल गांव घोषित करने के लिए डाटा अपलोडिंग का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्त वर्ष 2026-27 में जिले में 47 सार्वजनिक शौचालय बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से 38 को मंजूरी मिल चुकी है और एक का निर्माण पूरा भी हो चुका है। इसके अलावा 294 नए मकानों में शौचालय निर्माण का लक्ष्य है, जिनमें से 35 का काम पूरा हो चुका है।

स्वच्छता ही सेवा अभियान में बढ़ाई जाए भागीदारी

एडीसी ने कहा कि 17 सितंबर से 17 अक्तूबर तक चल रहे स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत विभिन्न विभागों के लिए कई गतिविधियां निर्धारित की गई हैं। उन्होंने ग्रामीण विकास विभाग के साथ अन्य संबंधित विभागों को भी अभियान के कैलेंडर के अनुसार अपने क्षेत्रों में गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए। इन गतिविधियों में लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना, शिक्षण संस्थानों, आंगनवाड़ी केंद्रों, जलस्रोतों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई जैसे कार्य शामिल किए जा सकते हैं। बैठक में स्वच्छता से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई। डीआरडीए की परियोजना अधिकारी अस्मिता ठाकुर ने स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष अनीता शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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