दूसरी बेटी के जन्म पर स्कूल में बांटे लड्डू, संस्कृत अध्यापक ने दिया बेटियों के सम्मान का संदेश
दूसरी बेटी के जन्म पर स्कूल में बांटे लड्डू, संस्कृत अध्यापक ने दिया बेटियों के सम्मान का संदेश

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Oct. 21, 2026 11:30 a.m. 106

नादौन, 21 अक्टूबर। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के नादौन में एक शिक्षक ने दूसरी बेटी के जन्म की खुशी को खास अंदाज में मनाकर समाज को बेटियों के सम्मान और समानता का संदेश दिया। पीएम श्री स्कूल ऑफ एक्सीलेंस राजकीय उत्कृष्ट वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नादौन के संस्कृत अध्यापक आचार्य नरेश मलोटिया ने अपनी दूसरी बेटी के जन्म की खुशी में विद्यालय में लड्डू बांटे। उनके इस कदम का उद्देश्य परिवार में बेटी के जन्म को खुशी और गर्व के साथ स्वीकार करने की सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है। आचार्य नरेश मलोटिया ने कहा कि दो लक्ष्मी स्वरूप बेटियों का पिता बनना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि बेटी के जन्म पर परिवार को बधाई देनी चाहिए और खुशियों में शामिल होना चाहिए, न कि अगली संतान के रूप में बेटे की कामना जताकर बेटी के जन्म को कमतर समझना चाहिए।

बेटियों के जन्म को खुशी और गर्व से अपनाने का संदेश

आचार्य नरेश मलोटिया ने कहा कि बेटा और बेटी के बीच भेदभाव करना समाज की गलत मानसिकता को दर्शाता है। परिवार में बेटी का जन्म भी उतनी ही खुशी का अवसर है, जितना बेटे का। इसलिए जरूरी है कि लोग अपनी सोच में बदलाव लाएं और बेटियों को सम्मान के साथ स्वीकार करें। विद्यालय में लड्डू बांटकर उन्होंने अपनी खुशी सहकर्मियों और विद्यालय परिवार के साथ साझा की। उनका यह कदम इस बात का संदेश देता है कि बेटियों के जन्म को लेकर सकारात्मक सोच केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे व्यवहार में भी अपनाया जाना चाहिए।

Read Also: मंडी की आरती ने स्वयं सहायता समूह से बदली जिंदगी, थुनाग में कैंटीन चलाकर कमा रहीं 15 हजार रुपये

बड़ी बेटी निष्ठा पर है पिता को गर्व

आचार्य नरेश मलोटिया ने अपनी पांच वर्षीय बड़ी बेटी निष्ठा शर्मा का जिक्र करते हुए बताया कि वह भगवद्गीता के श्लोकों और विभिन्न देवी-देवताओं के स्तोत्रों का पाठ करती है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटियों ने हमेशा उन्हें गर्व और सम्मान का अनुभव करवाया है। उनके अनुसार, बच्चों की प्रतिभा, संस्कार और उपलब्धियां उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। बेटियों को लेकर परिवार में सकारात्मक वातावरण बनाने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपनी क्षमताओं को पहचानने का अवसर मिलता है।

दोनों बेटियों को समान अवसर देने का संकल्प

आचार्य नरेश मलोटिया ने कहा कि वह अपनी दोनों बेटियों को बेहतर शिक्षा, अच्छे संस्कार और जीवन में आगे बढ़ने के समान अवसर देना चाहते हैं। उनका मानना है कि बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए माता-पिता को बेटा-बेटी में किसी तरह का अंतर नहीं करना चाहिए। उनकी यह पहल समाज के लिए एक सरल लेकिन महत्वपूर्ण संदेश है कि बेटियों का सम्मान घर से शुरू होता है। परिवार और समाज जब बेटियों को बराबरी का अवसर देते हैं, तो उनके विकास और आत्मविश्वास के लिए बेहतर माहौल तैयार होता है। नादौन में एक शिक्षक द्वारा दूसरी बेटी के जन्म पर लड्डू बांटने की यह पहल बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को प्रोत्साहित करती है। यह संदेश भी देती है कि परिवार की खुशियों को लिंग के आधार पर नहीं, बल्कि बच्चे के जन्म और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ मनाया जाना चाहिए।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #हमीरपुर
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
पालमपुर में स्कूली छात्रों को पोषण और आधुनिक खेती का प्रशिक्षण मिलेगा सिरमौर के 8 खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दिखाएंगे दमखम हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को राष्ट्रीय सम्मान, प्रदेश का नाम रोशन सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर 51 हजार जुर्माना मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रैंक, सराज का नाम किया रोशन 1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इतिहास बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक कचरा हटाया हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज