शिमला की प्रिथा डोगर ने अंतरराष्ट्रीय लेखन प्रतियोगिता में जीता गोल्ड अवॉर्ड, पिछले साल मिला था कांस्य
शिमला की प्रिथा डोगर ने अंतरराष्ट्रीय लेखन प्रतियोगिता में जीता गोल्ड अवॉर्ड, पिछले साल मिला था कांस्य

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Oct. 22, 2026 2:49 p.m. 112

शिमला, 22 अक्टूबर। ऑकलैंड हाउस स्कूल, शिमला की कक्षा 12वीं (ह्यूमैनिटीज) की छात्रा प्रिथा डोगर ने ‘द क्वीन्स कॉमनवेल्थ राइटिंग कॉम्पिटिशन 2026’ में गोल्ड अवॉर्ड हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। उनकी रचना ‘Souls Translated’ को प्रतियोगिता में सम्मानित किया गया। खास बात यह है कि प्रिथा ने पिछले वर्ष भी इसी प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था। एक साल में कांस्य से स्वर्ण तक पहुंचने की उनकी उपलब्धि उनके लेखन के प्रति निरंतर प्रयास और रुचि को दर्शाती है। इस वर्ष प्रतियोगिता का विषय ‘Common Ground: Better Together’ था। इसके तहत युवा लेखकों को यह विचार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया कि अलग-अलग संस्कृतियों, समुदायों और भौगोलिक क्षेत्रों के लोगों के बीच कौन-से साझा अनुभव और मूल्य जुड़ाव पैदा करते हैं। प्रिथा ने अपनी रचना में व्यक्तिगत रुचियों और शौक के माध्यम से लोगों के बीच संबंध बनने के विचार को सामने रखा।

‘Souls Translated’ में साझा रुचियों से जुड़ाव का संदेश

प्रिथा की पुरस्कृत रचना इस बात पर केंद्रित है कि लोगों की व्यक्तिगत रुचियां और शौक अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाले व्यक्तियों को एक-दूसरे के करीब ला सकते हैं। भाषा, संस्कृति और भौगोलिक दूरी के बावजूद कई ऐसे अनुभव होते हैं, जो लोगों के बीच संवाद और आपसी समझ का रास्ता खोलते हैं। प्रतियोगिता के विषय के अनुरूप उनकी रचना ने साझा मूल्यों और अनुभवों के महत्व को रेखांकित किया। यह विचार साहित्य के माध्यम से विभिन्न समुदायों के बीच समझ विकसित करने और लोगों को जोड़ने की भूमिका को सामने लाता है।

56 देशों से 53,840 प्रविष्टियों के बीच मिली उपलब्धि

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2026 की प्रतियोगिता में राष्ट्रमंडल के 56 सदस्य देशों से कुल 53,840 प्रविष्टियां आईं। इतनी बड़ी संख्या में प्राप्त रचनाओं के बीच प्रिथा का गोल्ड अवॉर्ड हासिल करना उनकी उपलब्धि को विशेष बनाता है। इस प्रतियोगिता में युवा प्रतिभागियों को अपने विचारों को रचनात्मक लेखन के जरिए प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। अलग-अलग देशों और समाजों से आने वाले प्रतिभागी साझा विषय पर अपनी सोच और अनुभवों को शब्द देते हैं।

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पढ़ने और लेखन में है प्रिथा की विशेष रुचि

प्रिथा को पढ़ने का शौक है और रचनात्मक लेखन में उनकी खास दिलचस्पी रही है। इतिहास, राजनीति विज्ञान और अंतरराष्ट्रीय मामलों में उनकी रुचि भी उन्हें सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक विषयों को समझने के लिए प्रेरित करती है। विषयों को पढ़ने, उनका विश्लेषण करने और विचारों को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत करने की क्षमता उनके लेखन में दिखाई देती है। उनकी यह उपलब्धि बताती है कि पढ़ने की आदत और निरंतर लेखन अभ्यास विद्यार्थियों को अपनी अभिव्यक्ति बेहतर बनाने के अवसर दे सकते हैं।

पिछले साल कांस्य, इस बार स्वर्ण पदक

प्रिथा की सफलता का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि उन्होंने पिछले वर्ष इसी प्रतियोगिता में कांस्य पदक हासिल किया था। इस बार गोल्ड अवॉर्ड जीतकर उन्होंने अपनी पिछली उपलब्धि से आगे का सफर तय किया है। एक वर्ष के भीतर मिले इस सम्मान को उनके लेखन में निरंतरता और विकास के रूप में देखा जा सकता है। यह उपलब्धि उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा बन सकती है, जो साहित्य, लेखन और विचारों की अभिव्यक्ति में रुचि रखते हैं।

1883 से आयोजित हो रही है प्रतियोगिता

द क्वीन्स कॉमनवेल्थ राइटिंग कॉम्पिटिशन का आयोजन रॉयल कॉमनवेल्थ सोसाइटी द्वारा वर्ष 1883 से किया जा रहा है। इसे विद्यालयी विद्यार्थियों के लिए दुनिया की सबसे पुरानी अंतरराष्ट्रीय लेखन प्रतियोगिताओं में से एक माना जाता है। इसका उद्देश्य युवाओं को समसामयिक विषयों पर सोचने और राष्ट्रमंडल से जुड़े साझा मूल्यों पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करना है। प्रिथा डोगर की यह उपलब्धि ऑकलैंड हाउस स्कूल और शिमला के लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता पढ़ने, विचार करने और रचनात्मक लेखन के महत्व को भी सामने लाती है।

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