पालमपुर में स्कूली छात्रों को पोषण और आधुनिक खेती का प्रशिक्षण मिलेगा
पालमपुर में स्कूली छात्रों को पोषण और आधुनिक खेती का प्रशिक्षण मिलेगा

Author : Rajesh Vyas

Oct. 19, 2026 4:06 p.m. 136

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में विद्यार्थियों को खेती, पोषण और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करने के लिए नेक्स्ट जनरेशन कार्यक्रम शुरू किया गया है। यह पहल हिमाचल प्रदेश फसल विविधिकरण प्रोत्साहन परियोजना के दूसरे चरण के अंतर्गत कृषि विभाग द्वारा जापान अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसी के वित्तीय सहयोग से संचालित की जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को कृषि की उपयोगिता समझाना और भविष्य में इसे रोजगार तथा आजीविका के अवसर के रूप में अपनाने के लिए प्रेरित करना है। पालमपुर खंड परियोजना प्रबंधन इकाई के खंड परियोजना प्रबंधक अमित भूषण के अनुसार, इस पहल के माध्यम से किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ अगली पीढ़ी को भी खेती से जोड़ने पर ध्यान दिया जा रहा है। Himachal Pradesh News के तहत यह पहल विद्यार्थियों को कृषि और स्वस्थ जीवनशैली से संबंधित व्यावहारिक जानकारी देने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

पांच सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को मिलेगा अवसर

कार्यक्रम के पहले चरण में पालमपुर खंड परियोजना प्रबंधन इकाई के अंतर्गत परियोजना क्षेत्रों के आसपास स्थित पांच राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों का चयन किया गया है। शुरुआती स्तर पर 30 विद्यार्थियों को उनकी कृषि में रुचि, कार्यक्रम में भाग लेने की इच्छा और शिक्षकों की संस्तुति के आधार पर चुना जाएगा। इसके बाद चयनित विद्यार्थियों में से प्रतियोगिता के माध्यम से पांच मेधावी छात्रों का चयन किया जाएगा। Agriculture Education को प्रोत्साहित करने वाली इस पहल में विद्यार्थियों को खेती के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया जाएगा। इसका उद्देश्य उन्हें कृषि के महत्व को समझने और इस क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं के बारे में जानकारी देने का अवसर प्रदान करना है।

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पोषण, संतुलित आहार और मोटे अनाज पर विशेष ध्यान

कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को पोषण, संतुलित आहार, मोटे अनाज के महत्व और उन्नत खेती के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि वे सीखी गई बातों को वास्तविक जीवन से जोड़ सकें। Millets Benefits के बारे में जागरूकता इस कार्यक्रम का एक प्रमुख हिस्सा है। मोटे अनाज, हरी सब्जियों और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन के महत्व को समझाकर विद्यार्थियों को स्वस्थ खान-पान की आदतें अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। खेती से जुड़ी जानकारी के माध्यम से उन्हें यह भी समझने का अवसर मिलेगा कि कृषि और पोषण एक-दूसरे से किस तरह जुड़े हुए हैं।

सुलह स्कूल से कार्यक्रम की शुरुआत

नेक्स्ट जनरेशन कार्यक्रम की शुरुआत 19 अक्तूबर को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला, सुलह से की गई। यहां दसवीं, ग्यारहवीं और बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को कार्यक्रम के उद्देश्य और गतिविधियों के बारे में बताया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य नागेश्वर पठानिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए पोषण के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्वस्थ शरीर के लिए संतुलित आहार आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को जंक फूड से दूरी बनाने और स्थानीय मोटे अनाज, हरी सब्जियों तथा पौष्टिक भोजन को दैनिक जीवन में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने कुपोषण से बचाव के लिए खान-पान की आदतों में सुधार करने और समाज में भी पोषण के प्रति जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट विद्यालयों और विद्यार्थियों को मिलेगा सम्मान

कार्यक्रम के अंतिम चरण में राज्य के सर्वश्रेष्ठ 15 विद्यालयों के बीच प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यालयों और विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों की भागीदारी बढ़ाना और कृषि तथा पोषण से संबंधित सीखने की प्रक्रिया को प्रोत्साहित करना है। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के कृषि अध्यापक आकाश राणा, व्यावसायिक अध्यापक नितेश राणा, खंड परियोजना प्रबंधक अमित भूषण, विक्रांत राणा, कृषि विशेषज्ञ स्वाति सूद, कृषि प्रसार अधिकारी एवं नोडल अधिकारी आकांक्षा कटोच, कार्यालय सहायक और भावित शाही, खंड समन्वयक सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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