Author : Rajesh Vyas
पालमपुर, 18 अक्टूबर। (राजेश व्यास) हिमाचल प्रदेश के स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कांगड़ा जिले के आंद्रेटा स्थित सोभा सिंह आर्ट गैलरी एवं संग्रहालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रख्यात चित्रकार सरदार सोभा सिंह की मूल कलाकृतियों को करीब से देखा और उनके कला-सफर, जीवनशैली तथा रचनात्मक दृष्टिकोण के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कलाकार की विरासत को संरक्षित रखने के प्रयासों को भी महत्वपूर्ण बताया।
आर्ट गैलरी के भ्रमण के दौरान आशीष कोहली ने संग्रहालय में प्रदर्शित सोभा सिंह की मूल पेंटिंग्स में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने कलाकृतियों को ध्यानपूर्वक देखा और कलाकार की कला के विभिन्न पहलुओं को समझने का प्रयास किया। सोभा सिंह की चित्रकारी भारतीय कला जगत में अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। उनकी रचनाओं में मानवीय भावनाओं, आध्यात्मिकता और जीवन के विभिन्न पहलुओं की अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। कोहली ने कहा कि मूल कलाकृतियों को प्रत्यक्ष रूप से देखना एक अलग अनुभव है। प्रतिकृतियों के माध्यम से किसी चित्र को देखने और कलाकार की वास्तविक कृति के सामने खड़े होने के अनुभव में अंतर होता है। आर्ट गैलरी में संरक्षित मूल चित्र दर्शकों को कलाकार की रचनात्मक क्षमता और कला-दृष्टि को बेहतर ढंग से समझने का अवसर प्रदान करते हैं।
दौरे के दौरान शिक्षा निदेशक ने सरदार सोभा सिंह के स्टूडियो का भी अवलोकन किया। इस स्टूडियो को उसकी मूल अवस्था में संरक्षित रखा गया है, जिससे यहां आने वाले लोगों को कलाकार के कार्यस्थल और जीवनशैली की झलक मिलती है। स्टूडियो का वातावरण यह समझने में मदद करता है कि कलाकार अपने समय में किस तरह काम करते थे और अपनी अमूल्य कलाकृतियों को किस प्रक्रिया से तैयार करते थे। ऐसे ऐतिहासिक स्थान कला प्रेमियों, विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए विशेष महत्व रखते हैं। यहां संरक्षित वस्तुओं और कार्यस्थल के माध्यम से कलाकार के रचनात्मक जीवन को समझने का अवसर मिलता है। यह विरासत आने वाली पीढ़ियों को कला और संस्कृति से जोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
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आशीष कोहली ने संग्रहालय में प्रदर्शित तस्वीरों, व्यक्तिगत वस्तुओं और अन्य स्मृति-चिह्नों को भी देखा। इन वस्तुओं के माध्यम से उन्हें सरदार सोभा सिंह के जीवन-प्रवास और उनके व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को जानने का अवसर मिला। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि सोभा सिंह आर्ट गैलरी की यात्रा व्यक्ति को एक अलग ही दुनिया में ले जाती है। यहां उनकी मूल कलाकृतियों को देखने का अवसर मिलता है, जिन्हें अब तक कई लोग केवल प्रतिकृतियों के माध्यम से देखते आए हैं। उन्होंने कलाकार के जीवन की सादगी और आध्यात्मिकता को करीब से महसूस करने को भी एक अनूठा अनुभव बताया।
शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि सोभा सिंह की सुंदर कलाकृतियां मानवता की अमूल्य धरोहर हैं। उनके अनुसार, ये रचनाएं कलाकार के दृष्टिकोण और जीवन-मूल्यों को लंबे समय तक संरक्षित रखने का माध्यम हैं। ऐसी कलाकृतियां केवल कला का प्रदर्शन नहीं करतीं, बल्कि समाज और संस्कृति से जुड़े विचारों को भी अगली पीढ़ियों तक पहुंचाती हैं। उन्होंने आर्ट गैलरी और संग्रहालय में संरक्षित विरासत को करीब से देखने के अनुभव को यादगार बताया। कलाकार के स्टूडियो, मूल चित्रों और व्यक्तिगत वस्तुओं का एक ही स्थान पर उपलब्ध होना दर्शकों को उनके जीवन और कला को व्यापक रूप से समझने का अवसर देता है।
इस अवसर पर आशीष कोहली के साथ अजय सिंह संब्याल, उपनिदेशक, स्कूल शिक्षा, कांगड़ा; सुधीर भाटिया, नोडल अधिकारी; हर्षवर्धन राणा, प्रधानाचार्य, सरदार सोभा सिंह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, आंद्रेटा तथा शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। आंद्रेटा स्थित सोभा सिंह आर्ट गैलरी एवं संग्रहालय कला और सांस्कृतिक विरासत में रुचि रखने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्थान है। यहां संरक्षित मूल कलाकृतियां, स्टूडियो और स्मृति-चिह्न महान कलाकार के जीवन तथा उनकी रचनात्मक विरासत से परिचित होने का अवसर प्रदान करते हैं।
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