सौरभ चौहान ने हिमाचल सरकार से पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
सौरभ चौहान ने हिमाचल सरकार से पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

Author : Sourav Chauhan

July 4, 2026 1:03 p.m. 219

नेशनल मीडिया प्रेस क्लब के सदस्य एवं बजरंग सेना के गौ रक्षा प्रभारी सौरभ चौहान ने हिमाचल प्रदेश सरकार से प्रदेश के बेरोजगार युवाओं और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में पेपर लीक जैसी घटनाएं होती हैं, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान उन लाखों युवाओं को होता है जो वर्षों तक मेहनत करके सरकारी नौकरियों की तैयारी करते हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल युवाओं के मनोबल को तोड़ती हैं, बल्कि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश का युवा केवल परीक्षा देने के लिए नहीं बल्कि अपनी मेहनत के आधार पर न्यायपूर्ण रोजगार पाने का हकदार है।

सरकार से पूछा बड़ा सवाल

सौरभ चौहान ने सरकार से सवाल किया—
“क्या हिमाचल का मेहनती युवा केवल परीक्षा देने के लिए है, या उसे ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ नौकरी पाने का अधिकार भी है?”

भ्रष्टाचार और जांच पर सख्त कार्रवाई की मांग

उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या चंदे के दुरुपयोग के आरोप सामने आते हैं, तो उनकी निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों पर बिना किसी भेदभाव के कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए।

परीक्षा केंद्रों की गेट एंट्री व्यवस्था पर सवाल

सौरभ चौहान ने परीक्षा केंद्रों की गेट एंट्री नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि दूर-दराज़ के क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों को कई बार ट्रैफिक, परिवहन देरी या अन्य कारणों से कुछ मिनट देर हो जाती है।

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उन्होंने सरकार से मांग की कि यदि सुरक्षा व्यवस्था से समझौता किए बिना संभव हो, तो परीक्षा केंद्रों पर 5 से 10 मिनट की अतिरिक्त गेट एंट्री छूट पर विचार किया जाए, ताकि किसी मेहनती अभ्यर्थी का भविष्य केवल कुछ मिनट की देरी से प्रभावित न हो।

युवाओं की आर्थिक स्थिति पर चिंता

उन्होंने कहा कि हर छात्र किसी संपन्न परिवार से नहीं आता। कई अभ्यर्थी आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद दूर-दराज़ से परीक्षा देने पहुंचते हैं। ऐसे में सरकार और परीक्षा एजेंसियों को मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

सरकार से पूछे गए प्रमुख सवाल

सौरभ चौहान ने हिमाचल सरकार से निम्न सवालों के जवाब मांगे—

  • पेपर लीक रोकने के लिए अब तक क्या ठोस कदम उठाए गए हैं?
  • दोषियों पर अब तक कितनी कार्रवाई हुई और कितनों को सजा मिली?
  • भर्ती परीक्षाओं में युवाओं का खोया विश्वास कैसे बहाल किया जाएगा?
  • भविष्य में परीक्षाओं को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की क्या योजना है?
  • क्या परीक्षा केंद्रों पर मानवीय आधार पर गेट एंट्री नियमों में बदलाव किया जाएगा?

अंतिम संदेश

अंत में सौरभ चौहान ने कहा कि प्रदेश का युवा किसी दया का नहीं बल्कि अपनी मेहनत के आधार पर निष्पक्ष अवसर का हकदार है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह राजनीति से ऊपर उठकर युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए।

उन्होंने कहा—
“युवा प्रदेश की ताकत हैं। यदि उनका विश्वास टूटेगा तो प्रदेश का भविष्य भी कमजोर होगा। इसलिए परीक्षा व्यवस्था को पारदर्शी, संवेदनशील और मानवीय बनाना जरूरी है।”

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