Post by : Himachal Bureau
अल्जीरिया के अनुभवी कप्तान रियाद महरेज़ ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। स्विट्जरलैंड के खिलाफ फीफा विश्व कप के अंतिम 32 के मुकाबले में 2-0 की हार के बाद उन्होंने यह फैसला लिया। मैच समाप्त होने के तुरंत बाद महरेज़ ने साफ कर दिया कि यह केवल उनका आखिरी विश्व कप मुकाबला नहीं था, बल्कि राष्ट्रीय टीम की जर्सी में उनका अंतिम मैच भी था। उनके इस फैसले के साथ अल्जीरिया के फुटबॉल इतिहास का एक शानदार अध्याय समाप्त हो गया।
12 साल लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर का अंत
रियाद महरेज़ ने करीब 12 वर्षों तक अल्जीरिया की राष्ट्रीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान उन्होंने 120 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले और 40 गोल किए। वह देश के इतिहास में सबसे अधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में दूसरे स्थान पर रहे। गोल करने के मामले में भी उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया। लगातार अच्छे प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता की बदौलत उन्होंने अल्जीरिया को कई महत्वपूर्ण जीत दिलाईं और दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों में अपनी पहचान बनाई।
हार के बाद क्या बोले महरेज़?
मैच के बाद मीडिया से बातचीत में महरेज़ ने कहा कि टीम का लक्ष्य अगले दौर में पहुंचना था और यह मुकाबला जीतना संभव था। उनके अनुसार टीम ने कुछ गलतियां कीं, जिनका फायदा स्विट्जरलैंड ने उठाया। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर के टूर्नामेंट में छोटी-सी गलती भी बहुत भारी पड़ती है। जब उनसे पूछा गया कि क्या यह उनका आखिरी विश्व कप मैच है, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब दिया कि यह राष्ट्रीय टीम के लिए उनका अंतिम मुकाबला भी था।
अफ्रीका कप में दिलाई थी ऐतिहासिक जीत
रियाद महरेज़ के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में वर्ष 2019 का अफ्रीका कप ऑफ नेशंस खिताब शामिल है। उनकी कप्तानी में अल्जीरिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी अपने नाम की थी। सेमीफाइनल में नाइजीरिया के खिलाफ आखिरी क्षणों में उनकी शानदार फ्री-किक आज भी फुटबॉल प्रेमियों को याद है। इसके बाद फाइनल में सेनेगल को हराकर अल्जीरिया ने लगभग तीन दशक बाद अफ्रीका का सबसे बड़ा फुटबॉल खिताब जीता था। इस सफलता ने महरेज़ को देश के महानतम खिलाड़ियों की सूची में शामिल कर दिया।
विश्व कप में भी रहा शानदार प्रदर्शन
इस विश्व कप में भी महरेज़ का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा। उन्होंने चार मुकाबलों में तीन गोल योगदान दिए। ऑस्ट्रिया के खिलाफ दो गोल किए, जबकि जॉर्डन के खिलाफ एक महत्वपूर्ण असिस्ट दिया। एक ही विश्व कप संस्करण में इतने गोल योगदान देने वाले वह अल्जीरिया के पहले खिलाड़ी बने। उनके अनुभव और नेतृत्व ने टीम को नॉकआउट चरण तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
फ्रांस में जन्म, लेकिन चुना अल्जीरिया का साथ
रियाद महरेज़ का जन्म फ्रांस में हुआ था, लेकिन उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर के लिए अल्जीरिया का प्रतिनिधित्व करने का फैसला किया। वर्ष 2013 में उन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए पदार्पण किया और इसके बाद कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। 2014 विश्व कप में उन्होंने पहली बार अल्जीरिया का प्रतिनिधित्व किया और अपनी प्रतिभा से दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। धीरे-धीरे वह टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हो गए।
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क्लब फुटबॉल में भी बनाया बड़ा नाम
अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल के अलावा क्लब स्तर पर भी महरेज़ का करियर बेहद सफल रहा। उन्होंने इंग्लैंड के शीर्ष क्लबों के लिए खेलते हुए कई बड़ी ट्रॉफियां जीतीं। उनकी तेज रफ्तार, शानदार ड्रिब्लिंग, सटीक पास और बेहतरीन फिनिशिंग ने उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विंगरों में जगह दिलाई। क्लब और देश दोनों के लिए उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
रियाद महरेज़ का संन्यास अल्जीरिया फुटबॉल के लिए एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। उन्होंने अपने खेल, नेतृत्व और अनुभव से पूरी पीढ़ी को प्रेरित किया। 120 अंतरराष्ट्रीय मैच, 40 गोल, अफ्रीका कप का खिताब और विश्व कप में शानदार प्रदर्शन उनकी उपलब्धियों को हमेशा खास बनाए रखेगा। अब उनके संन्यास के बाद अल्जीरिया की टीम नए खिलाड़ियों के साथ आगे बढ़ेगी, लेकिन महरेज़ का योगदान और उनकी यादें फुटबॉल प्रेमियों के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगी।
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