ओमान में बिकेंगे हिमाचल के चेरी और प्लम, किसानों के लिए खुला नया बाजार
ओमान में बिकेंगे हिमाचल के चेरी और प्लम, किसानों के लिए खुला नया बाजार

Post by : Himachal Bureau

July 3, 2026 5:02 p.m. 121

हिमाचल प्रदेश के बागवानी क्षेत्र के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। पहली बार राज्य से ताजा चेरी और प्लम का निर्यात ओमान किया गया है। इससे हिमाचल के फलों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिलने के साथ-साथ किसानों और बागवानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद भी बढ़ गई है। राज्य सरकार का मानना है कि यह शुरुआत आने वाले समय में हिमाचल के अन्य फलों के लिए भी विदेशी बाजारों के नए दरवाजे खोलेगी।

400-400 किलो चेरी और प्लम की पहली खेप भेजी गई

हिमाचल प्रदेश से पहली बार 400 किलोग्राम ताजा चेरी और 400 किलोग्राम ताजा प्लम की खेप ओमान भेजी गई। इस ऐतिहासिक निर्यात को बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह राज्य के बागवानी इतिहास का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे कि हिमाचल के उच्च गुणवत्ता वाले फलों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जाए और अब यह सपना साकार होता दिखाई दे रहा है।

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ओमान में भारतीय दूतावास ने किया विशेष स्वागत

जब यह खेप ओमान पहुंची तो मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने इसका स्वागत किया और वहां एक विशेष प्रचार अभियान भी शुरू किया गया। विभिन्न रिटेल स्टोर में हिमाचल प्रदेश के चेरी और प्लम को आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया गया। स्थानीय ग्राहकों ने इन फलों की गुणवत्ता और स्वाद की सराहना की। शुरुआती प्रतिक्रिया काफी उत्साहजनक रही, जिससे भविष्य में निर्यात बढ़ने की संभावना मजबूत हुई है।

सरकार की पहल से मिला बड़ा अवसर

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के निर्देश पर राज्य सरकार लगातार बागवानी क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए काम कर रही है। सरकार का उद्देश्य किसानों और बागवानों को केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रखना बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ना है। इसी सोच के तहत बागवानी विभाग ने निर्यात प्रक्रिया को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में कदम उठाए।

कई संस्थाओं ने मिलकर किया सफल प्रयास

इस पूरे निर्यात अभियान को सफल बनाने में कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय ने अहम भूमिका निभाई। संस्था ने किसानों, किसान उत्पादक संगठनों, सहकारी समितियों, निर्यातकों, एचपीएमसी, राज्य सरकार के विभागों और लॉजिस्टिक कंपनियों के साथ मिलकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कीं। अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और पौध स्वास्थ्य से जुड़े सभी मानकों का पूरी तरह पालन किया गया ताकि विदेशी बाजार में किसी प्रकार की परेशानी न आए।

मुख्यमंत्री ने किसानों और विभाग को दी बधाई

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने इस सफलता पर बागवानी विभाग और प्रदेश के सभी बागवानों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और विभाग के सहयोग का परिणाम अब सामने आने लगा है। हिमाचल के प्राकृतिक वातावरण में उगाए गए उच्च गुणवत्ता वाले फल अब दुनिया के बड़े बाजारों तक पहुंच रहे हैं। इससे प्रदेश की पहचान और मजबूत होगी।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक खेप भेजने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य में किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण शुरुआत है।

गुणवत्ता और वैज्ञानिक खेती पर रहेगा जोर

मुख्यमंत्री ने बागवानों से अपील की कि वे गुणवत्ता, ग्रेडिंग और वैज्ञानिक खेती की तकनीकों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि यदि किसान आधुनिक तरीकों से प्राकृतिक खेती करेंगे और बेहतर गुणवत्ता वाले पौधों का उपयोग करेंगे तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में हिमाचल के फलों की मांग लगातार बढ़ेगी। इससे प्रदेश के फल दुनिया के भरोसेमंद ब्रांड के रूप में अपनी पहचान बना सकेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों को तकनीकी जानकारी, प्रशिक्षण, गुणवत्ता सुधार और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है ताकि वे वैश्विक बाजार की जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकें।

सरकार देगी हर संभव सहायता

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार किसानों और बागवानों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। सरकार उत्पादन से लेकर पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन, विपणन और निर्यात तक हर स्तर पर सहयोग प्रदान करेगी। इसके साथ ही फलों की कटाई के बाद बेहतर प्रबंधन के लिए आधुनिक ढांचा भी विकसित किया जा रहा है ताकि किसानों को किसी प्रकार का नुकसान न हो और उन्हें अपनी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य बागवानी को अधिक लाभकारी और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है। इसी उद्देश्य से कई नई योजनाएं भी लागू की जा रही हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया सहारा

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है। किसानों के उत्पादों को विदेशी बाजारों तक पहुंचाने से उनकी आय बढ़ेगी और गांवों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। इससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी और युवा पीढ़ी को बागवानी की ओर आकर्षित होने का अवसर मिलेगा।

उन्होंने विश्वास जताया कि ओमान को किया गया यह पहला सफल निर्यात आने वाले समय में अन्य देशों के बाजारों तक भी हिमाचल के फलों की पहुंच बनाएगा। इससे सेब, चेरी, प्लम, कीवी और अन्य उच्च गुणवत्ता वाले फलों के निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

हिमाचल के बागवानों के लिए नई उम्मीद

ओमान को चेरी और प्लम का पहला निर्यात हिमाचल प्रदेश के बागवानी क्षेत्र के लिए एक नई शुरुआत माना जा रहा है। इससे यह साबित हुआ है कि यदि गुणवत्ता, वैज्ञानिक खेती और सही विपणन रणनीति अपनाई जाए तो प्रदेश के फल दुनिया के किसी भी बाजार में अपनी मजबूत पहचान बना सकते हैं। आने वाले वर्षों में यदि ऐसे प्रयास लगातार जारी रहे तो हिमाचल के हजारों किसानों और बागवानों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही प्रदेश भारत के प्रमुख फल निर्यातक राज्यों में अपनी मजबूत जगह बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है।

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