हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में खत्म होगा CT Scan का इंतजार, CM सुक्खू ने दिए सख्त निर्देश
हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में खत्म होगा CT Scan का इंतजार, CM सुक्खू ने दिए सख्त निर्देश

Post by : Himachal Bureau

July 3, 2026 5:23 p.m. 121

हिमाचल प्रदेश सरकार अब सरकारी अस्पतालों में मरीजों को CT Scan, X-Ray और Ultrasound जैसी जरूरी जांचों के लिए लंबा इंतजार नहीं करने देना चाहती। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग को साफ निर्देश दिए हैं कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे मरीजों को इन जांचों के लिए लगभग शून्य प्रतीक्षा समय यानी Zero Waiting का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि लोगों को समय पर जांच मिलने से इलाज भी जल्दी शुरू होगा और मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

स्वास्थ्य विभाग को दिए विशेष निर्देश

मुख्यमंत्री ने यह निर्देश शिमला स्थित इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल चमियाना के डायग्नोस्टिक विभागों की समीक्षा बैठक के दौरान दिए। उन्होंने अधिकारियों और डॉक्टरों से कहा कि सभी जरूरी संसाधनों का सही उपयोग किया जाए ताकि मरीजों को जांच के लिए लंबी लाइन में खड़ा न रहना पड़े। उन्होंने डॉक्टरों से सुझाव भी मांगे कि किस तरह सरकारी अस्पतालों में जांच सेवाओं को और अधिक तेज, आसान और बेहतर बनाया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य विभाग को हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। जरूरत के अनुसार आधुनिक मशीनें, तकनीकी स्टाफ और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। अब विभाग की जिम्मेदारी है कि इन संसाधनों का सही उपयोग करके मरीजों को बेहतर सेवाएं दी जाएं।

खाली पदों को तेजी से भरा जा रहा है

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डॉक्टरों, पैरामेडिकल कर्मचारियों और तकनीकी स्टाफ के खाली पदों को प्राथमिकता के आधार पर भर रही है। उनका कहना था कि अस्पतालों में पर्याप्त स्टाफ होने से जांच और इलाज दोनों की प्रक्रिया पहले से अधिक तेज होगी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यह है कि लोगों को बेहतर इलाज के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत न पड़े। अगर हिमाचल के सरकारी अस्पतालों में ही आधुनिक सुविधाएं और विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होंगी तो मरीजों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। साथ ही राज्य के स्वास्थ्य तंत्र पर लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।

आईजीएमसी को जल्द मिलेगी नई CT Scan मशीन

बैठक के दौरान आईजीएमसी के डॉक्टरों ने नई CT Scan मशीन की मांग मुख्यमंत्री के सामने रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि अस्पताल को जल्द ही 256-स्लाइस CT Scan मशीन उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यह मशीन पहले की तुलना में अधिक आधुनिक होगी और कम समय में अधिक सटीक जांच कर सकेगी। इससे मरीजों को तेजी से रिपोर्ट मिलेगी और गंभीर बीमारियों की पहचान भी जल्दी हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए सरकार के पास धन की कोई कमी नहीं है और इन दोनों क्षेत्रों को लगातार मजबूत किया जाएगा।

3000 करोड़ रुपये से बदलेगी स्वास्थ्य व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाने के लिए लगभग 3000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस राशि से अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण खरीदे जाएंगे ताकि सरकारी अस्पतालों में भी लोगों को बड़े राष्ट्रीय संस्थानों जैसी सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी मशीनें खरीद रही है जो देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में उपयोग की जाती हैं। इन उपकरणों के आने से सरकारी अस्पतालों में जांच और इलाज की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा।

मेडिकल कॉलेजों से लेकर जिला अस्पतालों तक मिलेगी नई सुविधा

मुख्यमंत्री ने बताया कि आधुनिक चिकित्सा उपकरण केवल मेडिकल कॉलेजों तक सीमित नहीं रहेंगे। इन्हें जिला अस्पतालों, क्षेत्रीय अस्पतालों और अन्य सरकारी अस्पतालों में भी लगाया जाएगा ताकि दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को छोटी-छोटी जांच के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। स्थानीय अस्पतालों में ही आवश्यक जांच और इलाज उपलब्ध होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी।

सरकार का लक्ष्य है विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि वर्तमान राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए लगातार काम कर रही है। अस्पतालों के भवनों के साथ-साथ आधुनिक मशीनें, प्रशिक्षित स्टाफ और बेहतर चिकित्सा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक नागरिक तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। मरीजों को समय पर जांच, सही इलाज और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इसी दिशा में Zero Waiting का लक्ष्य एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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बैठक में वरिष्ठ अधिकारी भी रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य विभाग और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने, नई मशीनों की उपलब्धता, स्टाफ की नियुक्ति तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक, पर्याप्त मानव संसाधन और बेहतर प्रबंधन के माध्यम से हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों को अधिक सक्षम बनाया जा सकता है। यदि निर्धारित योजनाएं समय पर लागू होती हैं, तो आने वाले समय में प्रदेश के मरीजों को जांच और इलाज के लिए पहले से कहीं अधिक तेज, आसान और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद है।

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