ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मज़बूत मिसाल बना ठाकराँ का डेयरी फार्मर: जरनैल सिंह
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मज़बूत मिसाल बना ठाकराँ का डेयरी फार्मर: जरनैल सिंह

Post by : Himachal Bureau

Feb. 10, 2026 4:30 p.m. 130

ऊना, 10 फरवरी: हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के ठाकरां गांव के रहने वाले जरनैल सिंह ने डेयरी फार्मिंग के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत मिसाल पेश की है। गांव में रहकर उन्होंने हर महीने लगभग चार लाख रुपये का कारोबार खड़ा किया है और करीब 70 हजार रुपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं। उनकी सफलता ने क्षेत्र के युवाओं को स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित किया है।

जरनैल सिंह पहले पंजाब में कैंटीन का कार्य कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे। कोविड-19 महामारी के दौरान उन्हें यह काम छोड़ना पड़ा। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने पिता के डेयरी फार्मिंग व्यवसाय को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ उनका यह सफर आज एक सफल डेयरी फार्मिंग मॉडल बन चुका है।

शुरुआत में जरनैल सिंह ने 10 पशुओं से डेयरी फार्मिंग का कार्य शुरू किया था, जिसे धीरे-धीरे बढ़ाकर अब उन्होंने 45 गायों का आधुनिक डेयरी फार्म स्थापित कर लिया है। उनके फार्म में होल्स्टीन फ्रीसीयन और जर्सी नस्ल की गायें हैं, जो प्रतिदिन 2.5 से 3 क्विंटल दूध का उत्पादन कर रही हैं। उन्हें दूध की गुणवत्ता के आधार पर औसतन 40 रुपये प्रति लीटर का मूल्य मिल रहा है और वेरका प्लांट द्वारा सीधे फार्म से दूध उठाया जाता है।

डेयरी फार्मिंग से जरनैल सिंह को हर महीने लगभग चार लाख रुपये की आय हो रही है। मजदूरी, चारा, दवाइयों और अन्य खर्चों को निकालने के बाद भी वे करीब 70 हजार रुपये का शुद्ध मुनाफा अर्जित कर रहे हैं। उनके परिवार के सदस्य भी इस कार्य में सहयोग करते हैं, जबकि दो अन्य लोगों को भी उन्होंने रोजगार प्रदान किया है।

जरनैल सिंह ने बताया कि पशुपालन विभाग के मार्गदर्शन से दूध उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार हुआ है। विभाग द्वारा समय-समय पर पशुओं के स्वास्थ्य, टीकाकरण और फीड प्रबंधन संबंधी सहायता दी जाती है। राज्य सरकार द्वारा दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि से भी पशुपालकों की आय में बड़ा सुधार हुआ है।

जरनैल सिंह ने मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की पशुपालक हितैषी नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि इन योजनाओं से डेयरी फार्मिंग एक स्थायी और सम्मानजनक रोजगार के रूप में उभर रही है। वहीं जिला प्रशासन ने भी ग्रामीणों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने की बात कही है।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें #ऊना
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
पालमपुर में खिला रंगों का संसार, 50 हजार ट्यूलिप से सजा गार्डन पर्यटकों के लिए खुला पशु मित्र भर्ती में महिला गिरी, वायरल वीडियो से उठा विवाद चंबा के चौंरी गांव में मकान में भीषण आग, लाखों का नुकसान भोरंज मिनी सचिवालय कैंटीन 3 साल के लिए होगी नीलाम जगतसुख मनाली में बगीचे से महिला का शव बरामद, हत्या आशंका शिमला पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1.811 किग्रा चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार मैक्लोडगंज में चीनी नागरिक को ठहराने पर मकान मालिक पर केस चमेरा झील तलेरू में 20-22 फरवरी तक होगा लेक फेस्टिवल