पालमपुर में खिला रंगों का संसार, 50 हजार ट्यूलिप से सजा गार्डन पर्यटकों के लिए खुला
पालमपुर में खिला रंगों का संसार, 50 हजार ट्यूलिप से सजा गार्डन पर्यटकों के लिए खुला

Post by : Himachal Bureau

Feb. 10, 2026 2:58 p.m. 2433

हिमाचल प्रदेश के पालमपुर स्थित सीएसआईआर-हिमालयन जैव संसाधन प्रौद्योगिकी संस्थान (IHBT) का परिसर एक बार फिर रंग-बिरंगे ट्यूलिप फूलों की खूबसूरती से जगमगा उठा है। यह प्रदेश का एकमात्र और देश का दूसरा सबसे बड़ा ट्यूलिप गार्डन है, जिसे आम जनता और पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। इस वर्ष संस्थान द्वारा करीब 50 हजार ट्यूलिप बल्ब लगाए गए हैं, जिससे पूरा परिसर आकर्षक रंगों से सज गया है।

गार्डन में आने वाले पर्यटकों को गुलाबी, लाल, संतरी, सफेद और पीले समेत छह आकर्षक रंगों के ट्यूलिप देखने को मिल रहे हैं। इन फूलों की खुशबू और सुंदरता पालमपुर की वादियों में नई रौनक ला रही है और प्रकृति प्रेमियों को खास तौर पर अपनी ओर आकर्षित कर रही है।

संस्थान के निदेशक डॉ. सुधेश कुमार यादव और प्रधान वैज्ञानिक भव्य भार्गव ने बताया कि इस बार पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गार्डन को सप्ताह के सातों दिन खुला रखने का फैसला लिया गया है। सबसे खास बात यह है कि इस बार भी आम जनता के लिए प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस प्राकृतिक सुंदरता का आनंद ले सकें।

उन्होंने बताया कि यह ट्यूलिप गार्डन पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ हिमालयी क्षेत्रों में फ्लोरीकल्चर यानी फूलों की खेती की संभावनाओं को भी प्रदर्शित करता है। पिछले वर्षों में यहां करीब साढ़े चार लाख लोग पहुंच चुके हैं, जबकि केवल पिछले साल ही एक लाख से अधिक पर्यटकों ने ट्यूलिप गार्डन का दीदार किया था।

श्रीनगर के ट्यूलिप गार्डन के बाद देश का यह दूसरा बड़ा गार्डन अब हिमाचल प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख आकर्षण बन चुका है। रंग-बिरंगे फूलों से सजा यह परिसर न केवल प्राकृतिक सुंदरता बढ़ा रहा है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। प्रकृति और फूलों के शौकीनों के लिए यह स्थान इस समय खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

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