Post by : Himachal Bureau
चंबा जिले के भरमौर में प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा 2026 का बुधवार को विधिवत शुभारंभ हो गया। यात्रा के पहले दिन करीब 253 श्रद्धालु मणिमहेश की पवित्र डल झील में आस्था की डुबकी लगाने के लिए भरमौर मुख्यालय से रवाना हुए। यात्रा को लेकर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं। प्रशासन की ओर से यात्रा के अलग-अलग पड़ावों पर स्वास्थ्य सेवाओं सहित अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई गई हैं। श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्ग और समय का पालन करने के साथ प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
इस वर्ष मणिमहेश यात्रा का आधिकारिक आयोजन 25 अगस्त से 20 सितंबर तक किया जा रहा है। यात्रा के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के भरमौर पहुंचने की उम्मीद है। मणिमहेश झील हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां पहुंचकर श्रद्धालु पवित्र झील में स्नान करते हैं और भगवान शिव के दर्शन कर आशीर्वाद लेते हैं। कठिन पहाड़ी रास्ते के बावजूद हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा में हिस्सा लेते हैं।
यात्रा शुरू होने से एक दिन पहले क्षेत्र में हुई बारिश के कारण पैदल मार्ग की स्थिति खराब हो गई थी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं को हड़सर से आगे जाने की अनुमति नहीं दी थी। बाद में मंगलवार शाम तक पैदल मार्ग की स्थिति में सुधार होने के बाद बुधवार सुबह करीब चार बजे से यात्रा को आधिकारिक रूप से आगे बढ़ाने की अनुमति दे दी गई। प्रशासन लगातार यात्रा मार्ग की स्थिति पर नजर रख रहा है, ताकि खराब मौसम की स्थिति में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
इस बार Manimahesh Heli Taxi सेवा भी श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध करवाई गई है। भरमौर से गौरीकुंड के बीच हेलीकॉप्टर सेवा को विमानन महानिदेशालय से आवश्यक अनुमति मिलने के बाद बुधवार से शुरू किया गया। सुबह से ही हेलीकॉप्टर ने श्रद्धालुओं को लेकर उड़ानें भरनी शुरू कर दीं। पहले दिन करीब 160 श्रद्धालुओं ने इस सेवा का लाभ उठाया और हेलीकॉप्टर के माध्यम से गौरीकुंड पहुंचकर मणिमहेश झील में आस्था की डुबकी लगाई। हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने से उन श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी, जो पैदल मार्ग से लंबी और कठिन यात्रा करने में असमर्थ हैं। हालांकि मौसम की स्थिति के अनुसार उड़ानों में बदलाव संभव है।
मणिमहेश यात्रा के दौरान राधाष्टमी का शाही स्नान विशेष धार्मिक महत्व रखता है। इस अवसर पर दशनाम जूना अखाड़ा की छड़ी धार्मिक परंपरा के अनुसार 12 सितंबर को चंबा मुख्यालय से रवाना होगी। छड़ी यात्रा करीब छह दिनों तक विभिन्न पड़ावों से होते हुए पैदल मणिमहेश की ओर बढ़ेगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 18 सितंबर की शाम छड़ी के मणिमहेश झील पहुंचने की संभावना है। इस संबंध में प्रशासनिक तैयारियों को लेकर बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में छड़ी यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, मार्ग व्यवस्था और अन्य आवश्यक प्रबंधों पर चर्चा की गई।
अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी भरमौर ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा निर्धारित समय और यात्रा मार्ग का ही इस्तेमाल करें। पहाड़ी क्षेत्र में मौसम अचानक बदल सकता है, इसलिए यात्रियों को मौसम की जानकारी लेते रहने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
Read Also: हिमाचल में 82 सड़कें बंद, 1176 करोड़ का नुकसान; भारी बारिश का अलर्ट
मणिमहेश यात्रा से जुड़े सवाल
मणिमहेश यात्रा 2026 कब तक चलेगी?
मणिमहेश यात्रा का आयोजन 25 अगस्त से 20 सितंबर 2026 तक किया जा रहा है।
यात्रा के पहले दिन कितने श्रद्धालु रवाना हुए?
पहले दिन करीब 253 श्रद्धालु यात्रा के लिए रवाना हुए।
हेलीकॉप्टर सेवा किस मार्ग पर शुरू हुई है?
भरमौर और गौरीकुंड के बीच हेलीकॉप्टर सेवा शुरू की गई है।
पहले दिन कितने श्रद्धालुओं ने हेलीकॉप्टर सेवा ली?
करीब 160 श्रद्धालुओं ने पहले दिन हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ उठाया।
दशनाम जूना अखाड़ा की छड़ी कब रवाना होगी?
छड़ी 12 सितंबर को चंबा मुख्यालय से रवाना होगी और 18 सितंबर की शाम मणिमहेश झील पहुंचने का कार्यक्रम है।
मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंब...
Manimahesh Yatra 2026 के पहले दिन 253 श्रद्धालु रवाना हुए। Heli Taxi सेवा भी शुरू, 20 सितंबर तक चलेग
हिमाचल में स्वाइन फ्लू की दस्तक, इन लक्षणों को न करें नजरअंद...
हिमाचल में Swine Flu के 4 मामले मिले। जानें H1N1 Virus के लक्षण, बचाव के उपाय और कब लेनी चाहिए डॉक्ट
हथलौंण की बेटी शिल्पा सोनी का चयन, बंगाणा में बनेंगी रसायन प...
हथलौंण की शिल्पा सोनी ने Commission Exam पास कर Lecturer Chemistry पद हासिल किया, बंगाणा विद्यालय मे
हिमाचल में 4.0 तीव्रता का भूकंप, शिमला समेत 5 जिलों में झटके...
Himachal Earthquake से बुधवार सुबह धरती हिली, शिमला समेत 5 जिलों में 4.0 तीव्रता के झटके महसूस हुए,
बाजार से गायब हुई ओल्ड मॉन्क, खाद्य सुरक्षा कार्रवाई से सैनि...
Old Monk Rum की आपूर्ति प्रभावित होने से पूर्व सैनिक परेशान, खाद्य सुरक्षा कार्रवाई के बाद बाजार में
चिट्टा मुक्त अभियान में युवाओं से सक्रिय योगदान की अपील, नरे...
हमीरपुर में चिट्टा मुक्त अभियान के तहत युवाओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। नरेश ठाकुर ने खेलो
रक्षाबंधन पर बहनें भाइयों से लें नशामुक्त जीवन का अनमोल वचन...
रक्षाबंधन पर बहनें भाइयों से Drug Free Life का वचन लें। जानें क्यों नशे से दूरी का संकल्प परिवार और