बाजार से गायब हुई ओल्ड मॉन्क, खाद्य सुरक्षा कार्रवाई से सैनिक मायूस
बाजार से गायब हुई ओल्ड मॉन्क, खाद्य सुरक्षा कार्रवाई से सैनिक मायूस

Post by : Himachal Bureau

Aug. 26, 2026 10:29 a.m. 156

सोलन जिले के सुबाथू क्षेत्र में इन दिनों Old Monk Rum की उपलब्धता को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई शराब विक्रेताओं के यहां ग्राहक इस लोकप्रिय ब्रांड की मांग कर रहे हैं, लेकिन पर्याप्त स्टॉक नहीं मिलने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि पिछले कुछ समय से इसकी आपूर्ति पहले जैसी नियमित नहीं रही है, जिसके चलते बाजार में इसकी कमी महसूस की जा रही है। सुबाथू जैसे सैन्य क्षेत्र में इस ब्रांड की मांग लंबे समय से रही है। खास तौर पर पूर्व सैनिकों और सैन्य परिवारों के बीच इसकी पहचान एक पुराने और भरोसेमंद ब्रांड के तौर पर बनी हुई है। ऐसे में बाजार और कैंटीन में इसकी उपलब्धता कम होने से उपभोक्ताओं में स्वाभाविक रूप से सवाल उठ रहे हैं।

खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई क्यों बनी वजह?

मामला केवल आपूर्ति में कमी तक सीमित नहीं है। हाल में खाद्य सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों की कार्रवाई और कुछ मदिरा ब्रांडों पर उठे सवालों के बाद Old Monk को लेकर भी चर्चा बढ़ी है। संबंधित जांच में कुछ उत्पादों पर स्वाद संबंधी प्रस्तुति और उपभोक्ताओं को भ्रमित करने वाले दावों को लेकर आपत्तियां सामने आने की बात कही गई है। खाद्य सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बाजार में उपलब्ध उत्पाद निर्धारित नियमों और मानकों के अनुरूप हों। इसी प्रक्रिया के तहत यदि किसी उत्पाद की गुणवत्ता, लेबल या उसके दावों को लेकर सवाल सामने आते हैं, तो संबंधित विभाग जांच और नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है।

सेना और ओल्ड मॉन्क का पुराना संबंध

सुबाथू में Old Monk Rum का नाम सेना से जुड़े उपभोक्ताओं के बीच लंबे समय से जाना-पहचाना रहा है। विशेष रूप से गोरखा रेजिमेंट से जुड़े लोगों के बीच इस ब्रांड की लोकप्रियता की चर्चा होती रही है। कई पूर्व सैनिकों का मानना है कि दशकों से इस ब्रांड की एक अलग पहचान बनी हुई है। पूर्व सैनिकों के अनुसार, पुराने समय से ही सैन्य क्षेत्रों में इसकी मांग रही है। यही वजह है कि अचानक इसकी उपलब्धता कम होने पर पूर्व सैनिकों में निराशा देखी जा रही है। उनका कहना है कि यदि किसी नियामकीय प्रक्रिया के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई है तो कंपनी को आवश्यक मानकों को पूरा करके जल्द स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

72 साल पुराने ब्रांड की साख पर सवाल

Old Monk को देश के पुराने लोकप्रिय मदिरा ब्रांडों में गिना जाता है और इसकी पहचान मुख्य रूप से लंबे समय से चली आ रही ब्रांड छवि के कारण बनी है। यही वजह है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े किसी भी विवाद या कार्रवाई का असर सीधे उपभोक्ताओं के भरोसे पर पड़ सकता है। पूर्व सैनिकों का कहना है कि इस ब्रांड की पुरानी प्रतिष्ठा को बनाए रखना कंपनी और संबंधित एजेंसियों दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। यदि किसी उत्पाद की प्रस्तुति, लेबल या दावे में नियमों से जुड़ी कमी पाई जाती है, तो उसे दूर करना जरूरी है, ताकि उपभोक्ताओं के मन में किसी तरह की गलतफहमी न रहे।

पूर्व सैनिकों ने रखी स्पष्टता की मांग

सुबाथू के पूर्व सैनिकों का कहना है कि Old Monk की उपलब्धता को लेकर स्थिति जल्द स्पष्ट होनी चाहिए। उनका मानना है कि यदि बाजार में इसकी आपूर्ति केवल जांच या नियामकीय कार्रवाई के कारण प्रभावित हुई है, तो संबंधित पक्षों को इसकी जानकारी सार्वजनिक रूप से देनी चाहिए। पूर्व सैनिक कैप्टन दीपक तमांग के अनुसार, कंपनी को खाद्य सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ब्रांड की आपूर्ति सामान्य होगी।

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उपभोक्ताओं की नजर अब आगे की कार्रवाई पर

फिलहाल Old Monk Rum की बाजार में कम उपलब्धता ने उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, किसी ब्रांड की स्थायी रूप से बिक्री बंद होने की बात केवल बाजार में स्टॉक कम होने के आधार पर नहीं कही जा सकती। वास्तविक स्थिति संबंधित विभाग, निर्माता और आपूर्ति व्यवस्था की आधिकारिक जानकारी के बाद ही स्पष्ट होगी। सुबाथू में पूर्व सैनिकों और अन्य उपभोक्ताओं की नजर अब इस बात पर है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और बाजार में इस लोकप्रिय ब्रांड की नियमित आपूर्ति कब बहाल होती है।

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