शराब का स्वाद कभी नहीं चखा, फिर भी लिख दी एक्साइज कानून की किताब
शराब का स्वाद कभी नहीं चखा, फिर भी लिख दी एक्साइज कानून की किताब

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Aug. 26, 2026 2:39 p.m. 115

धर्मशाला, 26 अगस्त। आमतौर पर किसी विषय में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए लोग उससे लंबे समय तक जुड़े रहते हैं। लेकिन हिमाचल प्रदेश के आबकारी एवं कराधान विभाग से जुड़े अधिकारी प्रेम कैथ की कहानी इस धारणा से बिल्कुल अलग है। उन्होंने अपने करीब तीन दशक के प्रशासनिक अनुभव और अध्ययन के आधार पर हैंडबुक ऑन हिमाचल प्रदेश एक्साइज लॉ नामक पुस्तक तैयार की है, जबकि व्यक्तिगत जीवन में उन्होंने कभी शराब का सेवन नहीं किया। कांगड़ा में डिप्टी कमिशनर स्टेट टैक्स एंड एक्साइज के पद पर कार्यरत प्रेम कैथ की यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने आबकारी कानूनों को केवल विभागीय जिम्मेदारी के तौर पर नहीं देखा, बल्कि उन्हें गहराई से समझकर एक उपयोगी पुस्तक का रूप दिया।

पहाड़ी गांव से शुरू हुआ सफर

प्रेम कैथ का जन्म 2 मार्च 1968 को चंद्र कुमार कैथ और कलमी कैथ के परिवार में हुआ। वह चार भाइयों और एक बहन में सबसे छोटे हैं। उनके पिता हिमाचल प्रदेश सचिवालय, शिमला में अधिकारी रहे, जबकि उनकी माता गृहिणी थीं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा रामपुर बुशहर के पैतृक गांव परांदली के प्राथमिक विद्यालय से हुई। इसके बाद उन्होंने दयोठी, बालूगंज और छोटा शिमला में शिक्षा प्राप्त की। कोटशेरा कॉलेज से प्रारंभिक महाविद्यालयीन शिक्षा पूरी करने के बाद वर्ष 1988 में संजौली कॉलेज से स्नातक किया। आगे चलकर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला से इतिहास और समाजशास्त्र में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की।

दो सरकारी नौकरियों में हुआ चयन

पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रेम कैथ के सामने एक महत्वपूर्ण निर्णय आया। उनका चयन एक साथ इतिहास विषय के व्याख्याता और आबकारी एवं कराधान विभाग में निरीक्षक के पद के लिए हुआ था। उन्होंने आबकारी एवं कराधान विभाग को अपना कार्यक्षेत्र चुना। प्रशिक्षण के बाद वर्ष 1996 में उन्हें सोलन जिले के धर्मपुर क्षेत्र में पहली नियुक्ति मिली। इसके बाद उन्होंने लगातार जिम्मेदारियां संभालते हुए वर्ष 2010 में सहायक आबकारी अधिकारी, 2014 में आबकारी एवं कराधान अधिकारी और 2018 में सहायक आयुक्त के पद पर कार्य किया। अगस्त 2025 में उन्हें कांगड़ा में डिप्टी कमिशनर स्टेट टैक्स एंड एक्साइज की जिम्मेदारी मिली।

परिवार पर टूटा था दुखों का पहाड़

प्रेम कैथ के जीवन में वर्ष 2003 बेहद कठिन दौर लेकर आया। उनके बड़े भाई और प्रतिभाशाली एचएएस अधिकारी गोपाल कैथ का महज 47 वर्ष की आयु में हृदयाघात के कारण निधन हो गया। इस घटना का परिवार पर गहरा प्रभाव पड़ा। भाई की मृत्यु के सदमे से उनके पिता भी ज्यादा समय तक नहीं उबर सके और लगभग एक सप्ताह बाद उनका भी निधन हो गया। एक साथ दो अपनों को खोने के बावजूद प्रेम कैथ ने परिवार को संभाला और अपनी जिम्मेदारियों को मजबूती से निभाया। इस कठिन अनुभव ने उनके जीवन के प्रति नजरिए को और गंभीर बनाया।

शराब से दूरी, लेकिन कानून की गहरी समझ

प्रेम कैथ की कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू यही है कि आबकारी विभाग में लंबे समय तक सेवा देने और हिमाचल प्रदेश एक्साइज लॉ पर विस्तृत पुस्तक लिखने के बावजूद उन्होंने आज तक शराब का स्वाद नहीं चखा। उनकी पुस्तक में आबकारी व्यवस्था से जुड़े विभिन्न कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं को व्यवस्थित ढंग से समझाने का प्रयास किया गया है। यही कारण है कि यह पुस्तक विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ कानून से जुड़े लोगों और कारोबारियों के लिए भी उपयोगी मानी जा रही है।

तीन दशक के अनुभव का पुस्तक में समावेश

हैंडबुक ऑन हिमाचल प्रदेश एक्साइज लॉ में हिमाचल प्रदेश की आबकारी व्यवस्था से जुड़े नियमों और प्रक्रियाओं को सरल तरीके से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक में शराब, बीयर, विदेशी मदिरा, लाइसेंस, कर व्यवस्था, दंड और कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़े विषयों को शामिल किया गया है। करीब तीन दशक तक विभाग में काम करने के दौरान हासिल अनुभव को प्रेम कैथ ने पुस्तक में समेटने का प्रयास किया है। उनका मानना है कि कानून भले ही जटिल दिखाई दे, लेकिन उसे स्पष्ट और सरल भाषा में प्रस्तुत किया जाए तो आम व्यक्ति भी उसे बेहतर तरीके से समझ सकता है।

पारिवारिक जीवन में भी संतुलन

वर्ष 1994 में प्रेम कैथ का विवाह सोमा कैथ से हुआ। उनके दो बच्चे हैं। उनका बेटा वकालत के क्षेत्र में है और शिमला में उच्च न्यायालय में अभ्यास करता है, जबकि उनकी बेटी चिकित्सा शिक्षा हासिल कर रही है। व्यस्त प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच उन्होंने परिवार को भी पर्याप्त महत्व दिया। उनका जीवन यह संदेश देता है कि मेहनत, अध्ययन, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र में अलग पहचान बना सकता है।

Read Also: हमीरपुर में मानसिक रूप से अस्वस्थ व दिव्यांगों को मुफ्त कानूनी सहायता

प्रेम कैथ की कहानी क्यों खास है?

प्रेम कैथ की प्रेरणादायक कहानी यह बताती है कि किसी विषय की विशेषज्ञ समझ हासिल करने के लिए उसका व्यक्तिगत अनुभव होना आवश्यक नहीं है। निरंतर अध्ययन, व्यावहारिक अनुभव और जिम्मेदारी के साथ काम करने की क्षमता भी व्यक्ति को उस क्षेत्र में विशेषज्ञ बना सकती है। कांगड़ा और पूरे हिमाचल प्रदेश में उनकी यह उपलब्धि प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए एक उल्लेखनीय उदाहरण के रूप में सामने आई है। उनकी पुस्तक आने वाले समय में आबकारी कानून को समझने वाले अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों के लिए उपयोगी संदर्भ सामग्री साबित हो सकती है।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
हथलौंण की बेटी शिल्पा सोनी का चयन, बंगाणा में बनेंगी रसायन प्रवक्ता हिमाचल में 4.0 तीव्रता का भूकंप, शिमला समेत 5 जिलों में झटके बाजार से गायब हुई ओल्ड मॉन्क, खाद्य सुरक्षा कार्रवाई से सैनिक मायूस चिट्टा मुक्त अभियान में युवाओं से सक्रिय योगदान की अपील, नरेश ठाकुर ने दिलाई शपथ रक्षाबंधन पर बहनें भाइयों से लें नशामुक्त जीवन का अनमोल वचन चंबा नेगी राम हत्याकांड में महिला गिरफ्तार, बिना सिम फोन से खुला राज सरोत्री के प्रिंस प्राशर का एनआईटी हमीरपुर में एमटेक के लिए चयन चैल अभ्यारण्य में पहली बार दिखा इंडियन रोलर, कैमरे में तस्वीर कैद