Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
हमीरपुर, 26 अगस्त। जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण हमीरपुर की मनोन्याय इकाई की ओर से बुधवार को थाना परिसर में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, सरकारी सहायता और न्याय तक आसान पहुंच के बारे में जानकारी देना था। शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सचिव कुलदीप शर्मा ने की। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर से समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। इनमें मुफ्त कानूनी सहायता योजना महत्वपूर्ण है, जिसके माध्यम से पात्र लोगों को बिना आर्थिक बोझ के कानूनी मदद उपलब्ध करवाई जाती है।
कुलदीप शर्मा ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों, महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगों, आपदा और अत्याचार पीड़ितों, श्रमिकों, कैदियों तथा अन्य पात्र वर्गों को इस सुविधा का लाभ मिल सकता है। इसके अलावा तीन लाख रुपये से कम वार्षिक आय वाले लोग भी निर्धारित पात्रता के अनुसार सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मानव तस्करी के पीड़ितों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों, झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले लोगों और विभिन्न प्रकार के अत्याचार से प्रभावित व्यक्तियों के लिए भी विधिक सहायता की व्यवस्था की गई है।
शिविर में मनोन्याय योजना को लेकर विशेष जानकारी दी गई। यह योजना मानसिक बीमारी और बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित लोगों को न्याय व्यवस्था तक समान और आसान पहुंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई है। कुलदीप शर्मा ने बताया कि हमीरपुर जिले में भी मनोन्याय इकाई स्थापित की गई है। इसके माध्यम से मानसिक रूप से अस्वस्थ तथा बौद्धिक दिव्यांग व्यक्तियों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके लिए प्रशिक्षित अधिवक्ताओं का पैनल तैयार किया गया है। जरूरत पड़ने पर ये अधिवक्ता संबंधित व्यक्ति के घर जाकर भी कानूनी सहायता प्रदान कर सकते हैं। इससे उन लोगों को विशेष सुविधा मिलेगी, जो अपनी स्थिति या परिस्थितियों के कारण स्वयं न्यायालय तक पहुंचने में कठिनाई महसूस करते हैं।
उन्होंने बताया कि Legal Aid के लिए आवेदन की प्रक्रिया सरल रखी गई है। पात्र व्यक्ति किसी भी न्यायालय परिसर में स्थापित अग्रिम कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय विधिक सेवाएं प्राधिकरण की हेल्पलाइन 15100 पर संपर्क करके भी आवश्यक जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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कार्यक्रम में पुलिस विभाग और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भी मौजूद रहे। डीएसपी राजकुमार, डॉ. राधाकृष्णन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय हमीरपुर के मनोचिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. कमल प्रकाश, डॉ. संदीप कुमार तथा अन्य मनोचिकित्सकों ने मानसिक स्वास्थ्य, कानूनी अधिकारों और जरूरतमंद लोगों की सहायता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की। थाना प्रभारी कुलवंत सिंह सहित पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय लोग भी शिविर में उपस्थित रहे।
इस पहल के माध्यम से हमीरपुर में मानसिक बीमारी और बौद्धिक दिव्यांगता से प्रभावित लोगों तथा उनके परिवारों को यह संदेश दिया गया कि आर्थिक कठिनाई या अन्य परिस्थितियां न्याय पाने में बाधा नहीं बननी चाहिए। पात्र व्यक्तियों को उपलब्ध कानूनी सहायता और संबंधित सेवाओं का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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