Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल कविंदर गुप्ता से शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात लोक भवन में आयोजित हुई, जहां आयोग के वरिष्ठ पदाधिकारियों और राज्यपाल के बीच विभिन्न विषयों पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा हुई। आयोग इन दिनों दो दिवसीय दौरे पर हिमाचल प्रदेश आया हुआ है और इसी क्रम में यह महत्वपूर्ण मुलाकात संपन्न हुई।
आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में आयोग के सदस्य निरुपम चकमा और डॉ. आशा लकड़ा भी शामिल रहे। इसके अलावा आयोग से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे। राज्यपाल ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया और उनके दौरे के उद्देश्य तथा जनजातीय समुदायों से जुड़े विभिन्न पहलुओं को लेकर सकारात्मक संवाद किया।
यह मुलाकात औपचारिक और शिष्टाचार भेंट के रूप में आयोजित की गई थी, लेकिन इसके दौरान जनजातीय समाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। हिमाचल प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों, लोगों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान तथा सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विषय चर्चा के केंद्र में रहे।
राज्यपाल ने कहा कि जनजातीय समुदाय देश की सांस्कृतिक और सामाजिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके कल्याण और विकास के लिए केंद्र तथा राज्य सरकारें लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आयोग का यह दौरा जनजातीय क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को समझने और उनके समाधान के लिए उपयोगी साबित होगा।
इस दौरान जनजातीय विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में चल रहे विकास कार्यों और जनजातीय समुदायों के हितों के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों में रुचि दिखाई। साथ ही जनजातीय अधिकार और कल्याण योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर भी विचार साझा किए गए।
शिमला दौरे के दौरान आयोग द्वारा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जिनमें अनुसूचित जनजाति आयोग से जुड़े विषयों, सरकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों की समीक्षा की जा रही है। आयोग का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना और आवश्यक सुझाव तैयार करना है।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्य में जनजातीय समाज के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर चल रही पहलों की जानकारी भी प्राप्त की। इस अवसर पर हिमाचल जनजातीय क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। राज्यपाल और आयोग के प्रतिनिधियों ने जनजातीय समुदायों के सर्वांगीण विकास के लिए मिलकर कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया। यह शिमला दौरा जनजातीय समाज के हितों को मजबूत करने और उनके विकास से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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