सिंधु नदी का पानी अब पाकिस्तान को नहीं मिलेगा, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली को मिलेगा जल लाभ
सिंधु नदी का पानी अब पाकिस्तान को नहीं मिलेगा, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली को मिलेगा जल लाभ

Post by : Himachal Bureau

Feb. 10, 2026 5:40 p.m. 126

हिमाचल प्रदेश और राजस्थान सहित पूरे देश के लिए जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक बड़ी घोषणा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने शनिवार को की। मंत्री पाटिल राजस्थान दौरे पर मौजूद थे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि सिंधु नदी का पानी अब पाकिस्तान को नहीं जाएगा। इसके लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर ली गई है। आने वाले समय में इस योजना के तहत हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और दिल्ली के लोगों को सिंधु नदी का जल उपलब्ध कराया जाएगा।

मंत्री पाटिल ने कहा कि यह कदम केवल विकास और जल आपूर्ति के लिए ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय हित और जल सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन हिस्सों का पानी मजबूरी में पाकिस्तान को छोड़ा गया है, उसके लिए कोई जवाबदेही अब सरकार नहीं लेगी। उन्होंने यह भी बताया कि योजना के तहत जल डायवर्शन के सभी तकनीकी पहलुओं पर डीपीआर में विवरण शामिल किया गया है।

इसके अलावा, यमुना जल परियोजना पर मंत्री पाटिल ने कहा कि यमुना के पानी पर राजस्थान का अधिकार था, लेकिन पिछली सरकारों ने इस पर ठोस कार्रवाई नहीं की। अब हरियाणा और राजस्थान सरकारों के बीच इस परियोजना के लिए डीपीआर तैयार कर सहमति बन चुकी है। पाइपलाइन के माध्यम से पानी लाने की इस योजना की अनुमानित लागत लगभग 77 हजार करोड़ से 1 लाख करोड़ रुपये तक आंकी जा रही है।

केंद्रीय मंत्री ने पूर्व सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर गति से आगे बढ़ी है और वर्तमान सरकार ने महंगाई पर नियंत्रण रखा है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था में 10–11वें स्थान से आगे नहीं बढ़ पाया, जबकि आज भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। कर सुधारों और आर्थिक नीतियों के सकारात्मक असर अब साफ दिखाई दे रहे हैं।

मंत्री पाटिल के अनुसार, सिंधु जल प्रोजेक्ट और यमुना जल परियोजना दोनों ही राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर जल आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे। इन परियोजनाओं से आगामी वर्षों में कृषि, पीने के पानी और उद्योग क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा। नागरिकों को जल संकट से राहत मिलेगी और चारों राज्यों में पानी की उपलब्धता में सुधार होगा।

इस योजना के लागू होने के बाद, भारत-पाकिस्तान जल समझौते के तहत पहले पाकिस्तान को जाने वाले पानी को डायवर्ट करके भारतीय राज्यों को फायदा पहुंचाना संभव होगा। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि जल संसाधनों का कुशल प्रबंधन और राज्य स्तर पर योजना निर्माण देश के लिए बेहद आवश्यक है।

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