पालमपुर में स्मार्ट एमएसएमई कार्यशाला का सफल आयोजन, डिजिटल परिवर्तन पर उद्यमियों को मिला मार्गदर्शन
पालमपुर में स्मार्ट एमएसएमई कार्यशाला का सफल आयोजन, डिजिटल परिवर्तन पर उद्यमियों को मिला मार्गदर्शन

Author : Rajesh Vyas

Jan. 28, 2026 11:04 a.m. 190

एमएसएमई मंत्रालय, भारत सरकार, हिमाचल प्रदेश सरकार तथा उद्योग विभाग के संयुक्त सहयोग से सीईएल–स्मार्ट एमएसएमई द्वारा पालमपुर स्थित शिवाय रेस्टोरेंट एंड बैंक्वेट हॉल में स्मार्ट एमएसएमई कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को आधुनिक तकनीकों, डिजिटल परिवर्तन और सरकारी सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में पालमपुर क्षेत्र के 40 से अधिक उद्यमियों, उद्योग प्रतिनिधियों एवं व्यवसायियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर इसे सफल बनाया।

कार्यशाला की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र, पालमपुर के विस्तार अधिकारी अभिषेक राघव ने की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में एमएसएमई इकाइयों के लिए डिजिटल तकनीकों को अपनाना समय की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने बताया कि स्मार्ट एमएसएमई जैसी योजनाएं उद्यमों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाती हैं।

इस अवसर पर जिला उद्योग केंद्र कांगड़ा से रैम्प परामर्शक आकांक्षा शर्मा भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने एमएसएमई इकाइयों के लिए सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने उद्यमियों को इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यशाला का प्रमुख आकर्षण डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन विशेषज्ञ तुषार सैनी का तकनीकी सत्र रहा। उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए इंडस्ट्री 4.0 समाधान, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग टूल्स, ऑटोमेशन, डेटा आधारित निर्णय प्रणाली और सरल डिजिटल तकनीकों को अपनाने की प्रभावी रणनीतियां साझा कीं। उन्होंने बताया कि डिजिटल तकनीकों के माध्यम से उत्पादन लागत में कमी, गुणवत्ता में सुधार और बाजार तक बेहतर पहुंच संभव है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पालमपुर क्षेत्र के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को स्मार्ट एमएसएमई योजना के अंतर्गत उपलब्ध सुविधाओं जैसे डिजिटल परिवर्तन, क्षमता निर्माण, क्लस्टर विकास, स्मार्ट एमएसएमई पहल तथा विभिन्न सरकारी सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक करना रहा। सत्रों के माध्यम से यह भी बताया गया कि इन पहलों के माध्यम से उद्योगों की उत्पादकता, प्रतिस्पर्धात्मकता और दीर्घकालिक स्थिरता को किस प्रकार मजबूत किया जा सकता है।

कार्यशाला के दौरान उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा किए और डिजिटल तकनीकों को अपनाने से जुड़ी चुनौतियों पर भी चर्चा की। विशेषज्ञों द्वारा उनके प्रश्नों के उत्तर देकर व्यावहारिक समाधान सुझाए गए, जिससे प्रतिभागियों को अपनी इकाइयों में तकनीकी नवाचार लागू करने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर उद्योग विभाग पालमपुर के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिनके मार्गदर्शन और सहयोग से कार्यक्रम और अधिक प्रभावी एवं उपयोगी सिद्ध हुआ। साथ ही स्थानीय उद्योग संघों और उद्यमी समूहों के प्रतिनिधियों ने भी कार्यशाला में सक्रिय सहभागिता निभाई, जिससे आपसी संवाद और नेटवर्किंग को बढ़ावा मिला।

कार्यक्रम के अंत में सीईएल–स्मार्ट एमएसएमई टीम ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने, तकनीकी रूप से उन्नत करने और भविष्य के उद्योग मॉडल से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। टीम ने उद्योग विभाग पालमपुर, जिला उद्योग केंद्र तथा सभी सहयोगी संस्थानों का सफल आयोजन में सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

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