यूजीसी के नए नियमों के विरोध में ऊना में स्वर्ण समाज का जोरदार प्रदर्शन
यूजीसी के नए नियमों के विरोध में ऊना में स्वर्ण समाज का जोरदार प्रदर्शन

Post by : Himachal Bureau

Feb. 3, 2026 4:14 p.m. 104

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा हाल ही में लागू किए गए नए नियमों के विरोध में स्वर्ण समाज ने ऊना मुख्यालय पर जोरदार रोष प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर केंद्र सरकार और यूजीसी के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन के दौरान समाज के लोगों में भारी रोष देखने को मिला और पूरे क्षेत्र में आंदोलन की गूंज सुनाई दी।

इस अवसर पर स्वर्ण समाज द्वारा बेदी पेट्रोल पंप से मिनी सचिवालय ऊना तक एक विशाल रोष रैली निकाली गई। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर यूजीसी के नए नियमों को तुरंत रद्द करने की मांग की। रैली के दौरान केंद्र सरकार और यूजीसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और सरकार से शिक्षा विरोधी नीतियां वापस लेने की अपील की गई।

प्रदर्शन के उपरांत स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने उपायुक्त ऊना के माध्यम से केंद्र सरकार को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में यूजीसी के नए विनियमों को रद्द करने की स्पष्ट मांग रखी गई। समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने शीघ्र इन नियमों को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और अधिक तेज और व्यापक रूप दिया जाएगा।

इस मौके पर पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष पवन ठाकुर ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि यूजीसी के नए विनियमों को उच्च शिक्षा में समान अवसर उपलब्ध कराने के नाम पर लागू किया गया है, लेकिन वास्तविकता में ये नियम समाज को जोड़ने के बजाय और अधिक विभाजित करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि समता के नाम पर लाए गए ये नियम योग्यता, अनुभव और शैक्षणिक स्वतंत्रता को कमजोर करते हैं, जिसका सीधा असर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर पड़ेगा।

पवन ठाकुर ने आगे कहा कि भले ही सुप्रीम कोर्ट ने इन नियमों पर फिलहाल रोक लगाकर कुछ राहत प्रदान की है, लेकिन यह अस्थायी समाधान है। केंद्र सरकार को चाहिए कि वह इस तथाकथित काले कानून को पूरी तरह से वापस ले। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज के किसी भी वर्ग के अधिकारों के साथ समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी वर्गों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार ने समय रहते स्वर्ण समाज की मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और अधिक उग्र और व्यापक बनाया जाएगा। इसके लिए समाज के लोग एकजुट होकर संघर्ष करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

इस रोष प्रदर्शन में जिला परिषद के पूर्व सदस्य शिव हरिपाल, देवेंद्र वत्स, पंकज दत्ता, दीपक दत्ता, योगेश दत्ता, विशाल ठाकुर, प्रिंस ठाकुर, शम्मी ठाकुर, मौनू पंडित, अनीश दत्ता, विवेक मनकोटिया, रोहित राणा, शिव कुमार, राहुल ठाकुर, कर्ण दत्ता सहित सैकड़ों की संख्या में स्वर्ण समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में यूजीसी के नए नियमों का विरोध किया और सरकार से इन्हें वापस लेने की मांग दोहराई।

स्वर्ण समाज के नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यदि आवश्यक हुआ तो इसे प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर तक ले जाया जाएगा। समाज ने केंद्र सरकार से मांग की है कि उच्च शिक्षा से जुड़े ऐसे किसी भी नियम को लागू करने से पहले सभी वर्गों से विचार-विमर्श किया जाए, ताकि शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता और सामाजिक समरसता बनी रहे।

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