हिमाचल के नौजवान मेहनत नहीं करते, रोजगार पर संकट
हिमाचल के नौजवान मेहनत नहीं करते, रोजगार पर संकट

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Jan. 5, 2026 3:16 p.m. 302

यह कहना गलत नहीं होगा कि आज हिमाचल प्रदेश में कई लोग आलसीपन की आदत का शिकार होते जा रहे हैं, खासकर युवा पीढ़ी में यह समस्या तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान समय में कई नौजवान मेहनत वाले काम करने से बचते नजर आते हैं और ऐसे कार्यों को करने में शर्म महसूस करते हैं। इसके पीछे माता-पिता की भूमिका भी मानी जा सकती है, क्योंकि आज कई अभिभावक अपने बच्चों को हर सुविधा आसानी से उपलब्ध करा देते हैं, जिससे बच्चों को संघर्ष का अनुभव नहीं हो पाता। यही आदत आगे चलकर उनके जीवन में बेरोजगारी और असंतोष का कारण बनती है।

अक्सर यह कहा जाता है कि हिमाचल में रोजगार के अवसर नहीं हैं, लेकिन जमीनी सच्चाई कुछ और ही है। आज पेंटिंग, लोहे-लकड़ी का काम, कंस्ट्रक्शन, होटल और ढाबों से लेकर खेतों की बिजाई और कटाई तक का काम प्रवासी मजदूर कर रहे हैं। बाहर से आए लोग मेहनत करके यहां अच्छा पैसा कमा रहे हैं और उसे अपने घर भेज रहे हैं, जबकि स्थानीय युवा इन्हीं कामों को छोटा समझकर करने से पीछे हट रहे हैं।

आज के समय में यदि युवा कोई टेक्निकल कोर्स कर लें या किसी काम में दक्षता हासिल कर लें, तो वे आसानी से अपना रोजगार शुरू कर सकते हैं। सरकारी नौकरी हर किसी को मिलना संभव नहीं है, ऐसे में स्वरोजगार ही बेहतर विकल्प है। बावजूद इसके, कई युवा मेहनत से जुड़े कामों से दूरी बनाए हुए हैं, जो भविष्य के लिए चिंता का विषय है।

यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में हिमाचल के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। स्थानीय लोग रोजगार के लिए दूसरों पर निर्भर होते जाएंगे और पैसा बाहर चला जाएगा। इससे युवा पीढ़ी के भटकने और नशे जैसी बुराइयों में फंसने का खतरा भी बढ़ सकता है। इसलिए जरूरी है कि युवाओं को मेहनत का महत्व समझाया जाए और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि प्रदेश का भविष्य सुरक्षित रह सके।

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