अमेरिका-इजरायल के हमलों में ईरान में बढ़ी तबाही, 555 से अधिक मौतें और IRGC मुख्यालय ध्वस्त
अमेरिका-इजरायल के हमलों में ईरान में बढ़ी तबाही, 555 से अधिक मौतें और IRGC मुख्यालय ध्वस्त

Post by : Himachal Bureau

March 2, 2026 5:04 p.m. 2657

मध्य-पूर्व में तनाव और हिंसा की घटनाओं ने नई ऊंचाई पकड़ ली है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे हवाई और ड्रोन हमलों में अब तक कम से कम 555 लोगों की मौत हो चुकी है। ईरान के विभिन्न शहरों में नागरिक इलाकों, सार्वजनिक इमारतों और बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंची है। रास तानूरा तेल रिफाइनरी पर सऊदी अरब ने ड्रोन हमले को नाकाम कर दिया, लेकिन वहीं अमेरिकी और इजरायली हमलों का कहर जारी है।

US Central Command (CENTCOM) ने बताया कि उसने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुख्यालय को बड़े पैमाने पर हमले में नष्ट कर दिया है। CENTCOM के बयान में कहा गया, “IRGC ने पिछले 47 वर्षों में 1,000 से अधिक अमेरिकियों की हत्या की। कल के बड़े हमले ने सांप का सिर कुचल दिया।” इस हमले में IRGC के कई उच्च अधिकारी मारे गए और इंटेलिजेंस मुख्यालय व एयर फोर्स कमांड सेंटरों को गंभीर क्षति हुई है।

इजरायली सेना ने भी तेहरान समेत कई सैन्य ठिकानों पर हमलों की पुष्टि की है। अमेरिकी-इजरायली अभियान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद और तेज हो गया है। इससे देश में सुरक्षा व्यवस्था चरम पर पहुंच गई है और कई शहरों में नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।

ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल, खाड़ी देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों, सऊदी अरब की राजधानी और दुबई की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इस बीच ईरान ने 66 वर्षीय धर्मगुरु Alireza Arafi को तीन सदस्यीय अंतरिम नेतृत्व परिषद में नियुक्त किया है, जो नए सर्वोच्च नेता के चयन तक शासन देखेगी।

Iranian Red Crescent Society ने बताया कि देशभर में राहत और बचाव दल तैनात हैं और एक लाख से अधिक आपातकर्मी हाई अलर्ट पर हैं। लगभग 40 लाख स्वयंसेवक जरूरत पड़ने पर राहत और मनोवैज्ञानिक सहयोग देने के लिए तैयार रखे गए हैं। रेड क्रिसेंट ने कहा कि उनका मानवीय मिशन बिना रुके जारी है।

इन हमलों से 131 शहर प्रभावित हुए हैं, जिससे मानवीय संकट गहराता जा रहा है। अस्पतालों पर दबाव बढ़ गया है और विस्थापित लोगों की संख्या लगातार बढ़ने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इन घटनाओं को लेकर चिंता जताई जा रही है, क्योंकि संघर्ष का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

संक्षेप में, अमेरिका और इजरायल के हमलों ने ईरान में गंभीर तबाही मचा दी है। IRGC मुख्यालय ध्वस्त हुआ, वरिष्ठ अधिकारियों की मौत हुई और नागरिक क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ। ईरानी नेतृत्व ने अपने जवाबी हमले तेज कर दिए हैं और Relief Teams सक्रिय हैं, लेकिन मानवीय संकट और अंतरराष्ट्रीय तनाव लगातार बढ़ रहा है।

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