राजगढ़ में भारी ओलावृष्टि से फसलें तबाह, किसानों को लाखों का नुकसान
राजगढ़ में भारी ओलावृष्टि से फसलें तबाह, किसानों को लाखों का नुकसान

Author : Gopal Dutt Sharma

May 6, 2026 4:27 p.m. 131

सिरमौर जिले के राजगढ़ तहसील और पझौता क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों और बागवानों की मेहनत पर गहरा असर डाला है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण क्षेत्र की अधिकांश फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, जिससे किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

जानकारी के अनुसार, क्षेत्र की लगभग सभी पंचायतों में अलग-अलग समय पर तेज ओलावृष्टि हुई, जिसने खेतों और बागानों को भारी नुकसान पहुंचाया। इस पूरी स्थिति को ओलावृष्टि नुकसान के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि लगभग हर गांव में फसलों पर इसका असर पड़ा है।

इस समय क्षेत्र में सेब, नाशपाती, आड़ू, प्लम और खुमानी जैसी फलों की फसलें तैयार हो रही थीं, लेकिन ओलों की मार से इन फलों की गुणवत्ता प्रभावित हो गई है। कई फलों पर गहरे निशान पड़ गए हैं, जिससे बाजार में उनकी कीमत कम हो सकती है। बागवानों का कहना है कि इस बार अच्छी फसल की उम्मीद थी, लेकिन मौसम ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इसके अलावा बबूना फूल की फसल, जो यहां के किसानों के लिए आय का एक प्रमुख साधन है, वह भी पूरी तरह नष्ट हो गई है। इस स्थिति को फसल बर्बादी का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है, जिससे किसानों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

अनाज और सब्जियों की फसलें भी इस आपदा से अछूती नहीं रहीं। गेहूं, जौ, मटर और सरसों जैसी फसलें कटाई के करीब थीं, लेकिन ओलावृष्टि और बारिश ने इन्हें भी बुरी तरह प्रभावित किया। साथ ही फूलगोभी, टमाटर, शिमला मिर्च और अन्य सब्जियों को भी नुकसान पहुंचा है। इस पूरे घटनाक्रम को किसान नुकसान के रूप में देखा जा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ा है। कई किसानों ने बताया कि कुछ जगहों पर खेतों में ओलों की मोटी परत जम गई थी, जिससे पौधे पूरी तरह दब गए और फसलें नष्ट हो गईं। इस तरह की स्थिति ने किसानों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं।

किसानों और बागवानों ने सरकार से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का जल्द सर्वे कराया जाए और नुकसान का सही आकलन कर उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही उन्होंने मुआवजा मांग और राहत पैकेज की भी अपील की है, ताकि उन्हें इस संकट से उबरने में मदद मिल सके। इस प्राकृतिक आपदा के कारण क्षेत्र के हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित हुई है। यदि समय रहते उचित सहायता नहीं मिली, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है। फिलहाल सभी की नजरें प्रशासन और सरकार की ओर टिकी हैं, जो जल्द राहत देने की उम्मीद में हैं।

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