भरवाईं चिंतपूर्णी मंदिर के लिए 12.25 करोड़ की जल योजना
भरवाईं चिंतपूर्णी मंदिर के लिए 12.25 करोड़ की जल योजना

Post by : Ram Chandar

Feb. 28, 2026 2:31 p.m. 125

ऊना: हिमाचल प्रदेश उपमंडल भरवाईं में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर के लिए जल शक्ति विभाग की ओर से तैयार की गई महत्वाकांक्षी पेयजल योजना का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा हो गया है। इस योजना का औपचारिक उद्घाटन आगामी शनिवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर चिंतपूर्णी के विधायक सुदर्शन सिंह बबलू भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे और क्षेत्रवासियों के लिए इस बहुप्रतीक्षित योजना के लाभ की घोषणा करेंगे।

जल शक्ति विभाग ने निर्धारित समय सीमा से पहले ही इस परियोजना का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया है। योजना के तहत कलरूही खड्ड से लगभग 17 किलोमीटर दूर स्थित माता चिंतपूर्णी मंदिर परिसर तक पेयजल की निरंतर और विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। परियोजना में कुल छह बड़े जल संग्रहण टैंक बनाए गए हैं, जिनमें लाखों लीटर पानी संग्रहित किया जा सकेगा। पंप हाउस से महज 15 मिनट में पानी मंदिर परिसर स्थित भंडारण टैंकों तक पहुँच जाएगा, जिससे मंदिर क्षेत्र और आसपास के इलाकों में जल आपूर्ति सुचारु रूप से सुनिश्चित होगी।

इस योजना में चार ट्यूबवेल और 215 हॉर्स पावर के तीन अत्याधुनिक पंप सेट लगाए गए हैं। प्रतिदिन लगभग 15 लाख लीटर पानी इन टैंकों और पंप सिस्टम के माध्यम से मंदिर परिसर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाया जाएगा। यह परियोजना केवल मंदिर परिसर के लिए ही नहीं बल्कि भरवाईं और आसपास के क्षेत्र की हजारों की आबादी के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। विशेषकर मेले और नवरात्रों के दौरान, जब भारी संख्या में श्रद्धालु इस क्षेत्र में आते हैं, तब यह योजना पेयजल की समस्या से पूरी राहत प्रदान करेगी।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक चरण में योजना वैकल्पिक रूप से संचालित की गई थी। कुछ भूमि संबंधित मुद्दों के कारण कार्य में थोड़ी देरी हुई, लेकिन विभाग और स्थानीय लोगों के सहयोग से इसे समय पर पूरा किया गया। स्थानीय ग्रामीणों जिन्होंने भूमि उपलब्ध करवाई, उनका भी आभार व्यक्त किया गया।

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री द्वारा उद्घाटन के पश्चात यह योजना क्षेत्रवासियों को समर्पित कर दी जाएगी। विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी और भविष्य में जल संकट का स्थायी समाधान सुनिश्चित करेगी।

विशेषज्ञों के अनुसार यह योजना न केवल जल आपूर्ति को सुचारु बनाएगी बल्कि क्षेत्र के स्वास्थ्य, स्वच्छता और सामाजिक विकास के स्तर को भी ऊँचा उठाएगी। परियोजना के सफल संचालन से ग्रामीण और शहर के लोगों को, विशेषकर छात्रों, व्यापारियों और तीर्थयात्रियों को, सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध होगा। इस पहल से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में जल संकट की समस्या को स्थायी रूप से दूर करने में मदद मिलेगी।

जल शक्ति विभाग के अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इसी तरह की और योजनाएं अन्य ग्रामीण और तीर्थस्थल क्षेत्रों के लिए तैयार की जाएंगी, ताकि हिमाचल प्रदेश के प्रत्येक हिस्से में नागरिकों को पर्याप्त और नियमित पेयजल की सुविधा मिल सके।

यह परियोजना न केवल तकनीकी दृष्टि से अत्याधुनिक है, बल्कि स्थानीय लोगों और प्रशासन के सहयोग का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। योजना के सफल क्रियान्वयन से यह क्षेत्र जल सुरक्षा और तीर्थयात्रियों की सुविधा के मामले में नई ऊँचाइयों तक पहुँचेगा।

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