एटीसी शाहपुर के नेचर कैंप में बच्चों ने प्राकृतिक और वैज्ञानिक अनुभव प्राप्त किया
एटीसी शाहपुर के नेचर कैंप में बच्चों ने प्राकृतिक और वैज्ञानिक अनुभव प्राप्त किया

Author : Rajesh Vyas

Feb. 28, 2026 5:08 p.m. 138

आज शाहपुर के विधायक एवं उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने रैत में एटीसी शाहपुर के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय नेचर कैंप के लिए बच्चों की बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह आयोजन बच्चों के लिए शैक्षिक और अनुभवात्मक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस एक दिवसीय नेचर कैंप में शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के धारकण्डी क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बोह, कनोल, दरीणी, राजकीय उच्च विद्यालय भलेड़ तथा राजकीय मिडल स्कूल तल के कुल 44 विद्यार्थी और 6 अध्यापक भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर बच्चों की सुरक्षा और मार्गदर्शन के लिए संबंधित विद्यालयों के शिक्षक एवं एटीसी स्टाफ उपस्थित थे।

कैंप के दौरान बच्चों को नेचर वॉक, कांगड़ा घाटी के प्रसिद्ध चाय बागानों का भ्रमण, पालमपुर का ट्यूलिप गार्डन और साइंस सेंटर का दौरा कराया जाएगा। इस दौरान बच्चों को वनस्पति, पशुपक्षी और पर्यावरण संरक्षण के महत्व से परिचित कराया जाएगा। यह अनुभव बच्चों में प्रकृति के प्रति जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के लिए जिम्मेदारी की भावना विकसित करेगा।

इस अवसर पर केवल सिंह पठानिया ने कहा कि एटीसी शाहपुर द्वारा यह चौथा नेचर कैंप आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे कैंप बच्चों को विद्यालय की कक्षा से बाहर निकलकर प्रकृति और विज्ञान के विभिन्न पहलुओं को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे इस कैंप में जो भी अनुभव और ज्ञान प्राप्त करें, उसे अपने परिवार और साथियों के साथ साझा करें।

उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री के निर्देशन में एटीसी शाहपुर को सक्रिय किया गया है ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी और आमजन इससे लाभान्वित हो सकें। बच्चों में विज्ञान और प्राकृतिक विज्ञान के प्रति उत्साह जागृत करने के लिए इस तरह के प्रशिक्षण और अनुभव आधारित कार्यक्रम अत्यंत आवश्यक हैं।

एटीसी की प्रभारी एवं वैज्ञानिक अधिकारी डॉ. सुनंदा पठानिया ने बताया कि नेचर कैंप के अलावा एटीसी में समय-समय पर विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों का आयोजन किया जाता है। इनमें विशेष रूप से महिलाओं, राजमिस्त्रियों और छात्रों को कौशल विकास, विज्ञान शिक्षा और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। उनका उद्देश्य सभी आयु वर्ग के लोगों में ज्ञान और क्षमता का विकास करना है।

इस अवसर पर बीएमओ शाहपुर डॉ. कविता, डीपीओ अशोक शर्मा, प्रधानाचार्य अनिल जरयाल (भटेछ), प्रधानाचार्य शमशेर भारती (रैत), प्रधानाचार्य नरेंद्र शर्मा (दरीणी), उपमुख्य सचेतक के सलाहकार विनय तथा संबंधित विद्यालयों के अध्यापक एवं एटीसी स्टाफ और स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।

यह नेचर कैंप बच्चों के लिए एक अद्वितीय अवसर है, जिसमें वे स्कूल की पढ़ाई से अलग होकर प्रकृति और विज्ञान की वास्तविकता को नजदीक से अनुभव करेंगे। कार्यक्रम में बच्चों की सुरक्षा, शिक्षण और मार्गदर्शन के सभी पहलुओं का विशेष ध्यान रखा गया है। ऐसे अनुभव बच्चों के लिए जीवनभर स्मरणीय और प्रेरणादायक साबित होंगे।

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