हिमाचल सरकार ने बदला फैसला, बिलासपुर के कॉलेजों में फिर शुरू होगी साइंस और कॉमर्स की पढ़ाई
हिमाचल सरकार ने बदला फैसला, बिलासपुर के कॉलेजों में फिर शुरू होगी साइंस और कॉमर्स की पढ़ाई

Post by : Himachal Bureau

July 1, 2026 1:42 p.m. 252

उच्च शिक्षा विभाग ने 2 जून 2026 को जारी अधिसूचना में राजकीय महाविद्यालय श्रीनयनादेवी जी से कॉमर्स संकाय तथा राजकीय महाविद्यालय जुखाला से साइंस और कॉमर्स संकाय को समाप्त करने का फैसला लिया था। इस निर्णय के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों में चिंता बढ़ गई थी, क्योंकि इन विषयों की पढ़ाई के लिए उन्हें दूसरे कॉलेजों में जाना पड़ सकता था। हालांकि, उस समय उच्च शिक्षा विभाग ने संकाय हटाने का कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया था।

सरकार ने किस फैसले में किया बदलाव?

उच्च शिक्षा विभाग ने 2 जून 2026 को जारी अधिसूचना में संशोधन किया है। संशोधित आदेश के अनुसार श्रीनयनादेवी सरकारी कॉलेज में कॉमर्स संकाय और जुखाला सरकारी कॉलेज में साइंस व कॉमर्स संकाय को बंद नहीं किया जाएगा। दोनों कॉलेजों में पहले की तरह इन विषयों में पढ़ाई जारी रहेगी। सरकार के इस फैसले से छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है।

साइंस और कॉमर्स संकाय बहाल होने से बिलासपुर जिले के विद्यार्थियों को अब पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों या दूर-दराज के कॉलेजों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे समय और खर्च दोनों की बचत होगी। साथ ही अधिक छात्र अपने घर के पास रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए काफी लाभदायक साबित होगा।

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मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को उनके घर के पास ही बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार का प्रयास है कि किसी भी विद्यार्थी को केवल विषय उपलब्ध न होने के कारण दूसरे स्थान पर जाने के लिए मजबूर न होना पड़े।

रामलाल ठाकुर ने जताया आभार

पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रामलाल ठाकुर ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस फैसले के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार के इस निर्णय से बिलासपुर क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने घर के नजदीक ही साइंस और कॉमर्स विषयों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। उनके अनुसार यह फैसला विद्यार्थियों के हित में लिया गया महत्वपूर्ण निर्णय है।

इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। श्रीनयनादेवी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने दावा किया कि उन्होंने मुख्यमंत्री के सामने इस विषय को प्रमुखता से उठाया था। उनका कहना है कि उन्होंने विद्यार्थियों के हित को देखते हुए दोनों कॉलेजों में साइंस और कॉमर्स संकाय बहाल करने की मांग की थी। इसके बाद सरकार ने इस दिशा में निर्णय लिया।

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

किसी भी सरकारी कॉलेज में साइंस और कॉमर्स जैसे प्रमुख संकाय उपलब्ध होना छात्रों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यदि ये संकाय बंद हो जाते हैं, तो विद्यार्थियों को दूसरे जिलों या निजी संस्थानों का रुख करना पड़ सकता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। ऐसे में इन विषयों की बहाली हजारों विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है।

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि कॉलेजों में आवश्यक विषयों को बनाए रखना उच्च शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में जरूरी कदम है। इससे विद्यार्थियों को अधिक विकल्प मिलते हैं और स्थानीय स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। सरकार के इस फैसले से भविष्य में शिक्षा से जुड़े अन्य सुधारों की भी उम्मीद बढ़ी है।

विद्यार्थियों को मिलेगी पढ़ाई की बेहतर सुविधा

श्रीनयनादेवी और जुखाला सरकारी कॉलेजों में साइंस और कॉमर्स संकाय जारी रहने से अब विद्यार्थियों को बिना किसी अतिरिक्त परेशानी के अपनी पसंद के विषयों में पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। यह फैसला न केवल छात्रों के लिए राहत लेकर आया है, बल्कि क्षेत्र में उच्च शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में भी छात्रों के हितों को प्राथमिकता देते हुए ऐसे निर्णय लिए जाते रहेंगे।

 

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