Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
कांगड़ा जिले के नगरोटा बगवां क्षेत्र के गांव भाटी भद्रेड़ निवासी राधन शर्मा ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राधन शर्मा का CDS के माध्यम से भारतीय सेना में चयन हुआ है। इस सफलता के बाद उनके परिवार के साथ-साथ गांव और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है। सैन्य सेवा में जाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए राधन शर्मा की यह उपलब्धि प्रेरणादायक मानी जा रही है।
राधन शर्मा अब निर्धारित सैन्य प्रशिक्षण पूरा करेंगे। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद उन्हें लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति मिलेगी। इसके साथ ही वह भारतीय सेना का हिस्सा बनकर देश की सुरक्षा और सेवा में अपना योगदान देंगे। उनके चयन ने परिवार के उस सपने को भी नई दिशा दी है, जिसमें देश सेवा को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।
राधन शर्मा की सफलता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि उनके परिवार और क्षेत्र के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है। CDS परीक्षा जैसी कठिन चयन प्रक्रिया के माध्यम से सेना में स्थान बनाना युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। इसके लिए निरंतर अध्ययन, अनुशासन, मानसिक मजबूती और शारीरिक तैयारी की आवश्यकता होती है। राधन शर्मा ने अपने लक्ष्य पर लगातार ध्यान केंद्रित रखते हुए यह मुकाम हासिल किया। उनकी सफलता से क्षेत्र के अन्य युवाओं में भी सेना भर्ती और देश सेवा के प्रति उत्साह बढ़ने की उम्मीद है। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर सैन्य क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने वाले राधन शर्मा ने परिवार और गांव का नाम रोशन किया है।
राधन शर्मा के चयन की जानकारी सामने आने के बाद उनके परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और स्थानीय लोगों ने खुशी जताई। क्षेत्रवासियों ने उन्हें इस शानदार सफलता के लिए बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लोगों का कहना है कि राधन शर्मा की उपलब्धि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है।
Read Also: 23 अगस्त को हमीरपुर के कई क्षेत्रों में 8 घंटे बंद रहेगी बिजली
राधन शर्मा का भारतीय सेना में चयन उन युवाओं के लिए भी प्रेरणा है, जो सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहते हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ कठिन से कठिन मुकाम हासिल किया जा सकता है। गांव भाटी भद्रेड़ से भारतीय सेना तक पहुंचने वाले राधन शर्मा अब प्रशिक्षण के बाद सैन्य अधिकारी के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके सैन्य अधिकारी बनने की दिशा में यह चयन पहला महत्वपूर्ण कदम है। क्षेत्रवासियों ने उम्मीद जताई है कि वह भविष्य में भी अपने परिवार, गांव और कांगड़ा जिले का नाम गौरवान्वित करेंगे।
अनुराग ठाकुर का जन्मदिन: समीरपुर से संसद और बीसीसीआई तक का स...
हमीरपुर के अनुराग ठाकुर का सफर क्रिकेट से बीसीसीआई अध्यक्ष, सांसद और केंद्रीय मंत्री तक पहुंचा। जानि
पालमपुर में स्कूली छात्रों को पोषण और आधुनिक खेती का प्रशिक्...
पालमपुर में नेक्स्ट जनरेशन कार्यक्रम शुरू हुआ। छात्रों को पोषण, संतुलित आहार, मोटे अनाज और आधुनिक खे
सिरमौर के 8 खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में दिखाएंगे दम...
सिरमौर के कोटड़ी व्यास स्कूल के 8 खिलाड़ियों का राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिता के लिए चयन हुआ। हैंडबॉल
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को राष्ट्रीय सम्मान, प्रदेश का न...
हिमाचल की नन्ही कलाकार आशवी को National Inspiration Award 2026 से सम्मानित किया गया। कला और संस्कृति
सिरमौर में 24 वर्षीय प्रधान का फैसला, शादी में फिजूलखर्ची पर...
सिरमौर की सखोली पंचायत ने शादी में फिजूलखर्ची रोकने के लिए नए नियम बनाए, उल्लंघन पर ₹51 हजार जुर्मान
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रै...
मंडी की मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल कर सराज और हिमाचल का नाम रोशन कि
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब