सैंज कॉलेज के छात्र सड़कों पर उतरने को तैयार, कॉमर्स स्ट्रीम बंद होने से बढ़ी चिंता
सैंज कॉलेज के छात्र सड़कों पर उतरने को तैयार, कॉमर्स स्ट्रीम बंद होने से बढ़ी चिंता

Author : Prem Sagar

June 18, 2026 11:36 a.m. 120

कुल्लू जिले के सैंज क्षेत्र में स्थित राजकीय महाविद्यालय से कॉमर्स स्ट्रीम बंद किए जाने के निर्णय को लेकर लोगों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है। इस फैसले के विरोध में अब छात्र, अभिभावक, सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग एकजुट होकर सड़क पर उतरने की तैयारी कर चुके हैं। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि यह निर्णय न केवल विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों को प्रभावित करेगा बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं के उच्च शिक्षा के अवसरों को भी सीमित कर देगा।

कॉमर्स स्ट्रीम बंद करने पर क्यों उठे सवाल?

स्थानीय लोगों का कहना है कि सैंज घाटी और आसपास के कई ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए इसी महाविद्यालय पर निर्भर हैं। ऐसे में कॉमर्स जैसे महत्वपूर्ण विषय को बंद करना विद्यार्थियों के लिए बड़ी परेशानी पैदा कर सकता है। उनका मानना है कि शिक्षा संस्थानों में सुविधाएं बढ़ाने की आवश्यकता है, जबकि यहां एक प्रमुख विषय को ही समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। इसी वजह से इस फैसले को लेकर क्षेत्र में लगातार विरोध की आवाजें उठ रही हैं।

18 जून को होगा बड़ा जन आंदोलन

कॉमर्स स्ट्रीम को बहाल करने की मांग को लेकर 18 जून 2026 को सुबह 11 बजे सैंज में एक विशाल रैली और विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। आंदोलन की शुरुआत मेला मैदान सैंज से होगी, जहां से लोग टैक्सी स्टैंड तक मार्च निकालेंगे। आयोजकों का कहना है कि यह प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन इसमें क्षेत्र के अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी ताकि सरकार और संबंधित विभाग तक जनता की आवाज पहुंच सके।

छात्रों के भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता

विद्यार्थियों और अभिभावकों का कहना है कि कॉमर्स शिक्षा आज के समय में रोजगार, व्यवसाय, बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र में करियर बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि स्थानीय स्तर पर यह सुविधा उपलब्ध नहीं होगी तो अनेक विद्यार्थियों को दूसरे शहरों का रुख करना पड़ेगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त बोझ साबित हो सकता है। इसी कारण यह मुद्दा केवल एक विषय के बंद होने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा के अधिकार से जोड़कर देखा जा रहा है।

जनप्रतिनिधियों और संगठनों से समर्थन की अपील

आंदोलन से जुड़े लोगों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, युवा मंडलों, व्यापार मंडलों और सामाजिक संस्थाओं से भी समर्थन मांगा है। उनका कहना है कि शिक्षा से जुड़े इस मुद्दे पर पूरे क्षेत्र को एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए। उनका मानना है कि यदि समय रहते इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो आने वाले वर्षों में विद्यार्थियों को इसका बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

क्या सरकार फैसले पर करेगी पुनर्विचार?

सैंज क्षेत्र में उठ रहे विरोध के बीच अब सभी की नजर सरकार और शिक्षा विभाग पर टिकी हुई है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस फैसले पर पुनर्विचार किया जाएगा। वहीं आंदोलन से जुड़े लोगों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो विरोध प्रदर्शन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि यह संघर्ष किसी एक कॉलेज या एक विषय का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के शैक्षणिक भविष्य का प्रश्न है।

क्षेत्र के लोगों ने साफ कहा है कि कॉमर्स स्ट्रीम छात्रों की जरूरत है और इसे समाप्त करने का निर्णय स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका मानना है कि शिक्षा सुविधाओं में कटौती के बजाय उन्हें मजबूत किया जाना चाहिए ताकि ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी समान अवसर मिल सकें। यही कारण है कि सैंज क्षेत्र में यह मुद्दा अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है।

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