Post by : Himachal Bureau
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य की अर्थव्यवस्था पर बढ़ते दबाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा राजस्व घाटा अनुदान (Revenue Deficit Grant - RDG) बंद करने का निर्णय राज्य की वित्तीय स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकता है। इस मुद्दे पर चर्चा के लिए राज्य मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई है, जिसके बाद कांग्रेस विधायक दल की बैठक भी आयोजित होगी। सरकार भाजपा विधायकों को भी इस चर्चा में शामिल करने पर विचार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2019 से 2025 के बीच हिमाचल प्रदेश को लगभग 48 हजार करोड़ रुपए का राजस्व घाटा अनुदान मिला था। यदि वर्ष 2026 से 2031 तक यह सहायता पूरी तरह बंद हो जाती है, तो इससे राज्य की आर्थिक स्थिति पर बड़ा असर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह हिमाचल के लिए गंभीर स्थिति है और इससे निपटने के लिए सभी दलों को मिलकर काम करना होगा।
सीएम सुक्खू ने कहा कि पर्वतीय राज्यों का गठन कभी भी राजस्व अधिशेष के आधार पर नहीं किया गया था। उन्होंने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 275(1) के तहत हिमाचल प्रदेश को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान राज्य का संवैधानिक अधिकार रहा है। वर्ष 1952 से हिमाचल को लगातार यह सहायता मिलती रही है और 73 वर्षों में पहली बार ऐसी स्थिति सामने आई है।
GST नुकसान और नई नीति से राहत की कोशिश
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मुद्दा राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राज्यहित में देखा जाना चाहिए। उन्होंने भाजपा विधायकों से भी इस विषय पर सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार 8 तारीख को इस मुद्दे पर प्रस्तुति देने और सभी सुझाव लेने के लिए तैयार है, ताकि नीति में बदलाव कर आत्मनिर्भर हिमाचल प्रदेश की दिशा में आगे बढ़ा जा सके।
सीएम सुक्खू ने बताया कि वर्ष 2017 में लागू हुए जीएसटी (GST) से भी हिमाचल प्रदेश को नुकसान हुआ है। राज्य को केवल पांच वर्षों तक जीएसटी मुआवजा मिला, जो अब समाप्त हो चुका है। उन्होंने कहा कि जीएसटी से बिहार, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे बड़े राज्यों को अधिक लाभ हुआ, जबकि कम जनसंख्या वाले हिमाचल प्रदेश को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है।
मुख्यमंत्री ने जलविद्युत परियोजनाओं से भूमि राजस्व और सेस वसूलने की नई नीति लागू करने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश 90 प्रतिशत पर्वतीय क्षेत्र, 68 प्रतिशत वन भूमि और 28 प्रतिशत वन आवरण वाला राज्य है। राज्य से निकलने वाली पांच नदियां पूरे देश के लिए जल स्रोत का काम करती हैं। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे मतभेद भुलाकर हिमाचल प्रदेश के आर्थिक भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए एकजुट होकर कार्य करें।
ढलियारा में तेज रफ्तार ट्रक पलटा, बड़ा हादसा टला...
NH-503 पर sharp turn पर Haryana नंबर truck हुआ अनियंत्रित, crash barrier और पेड़ की वजह से driver की
नगरी में अवैध अतिक्रमण पर कार्रवाई, चार दुकानों पर चला बुलडो...
Government orders पर Nagar Panchayat और administration ने illegal encroachment हटाया, yellow machine
हिमाचल में PDS के तहत सरसों तेल सस्ता, लाखों परिवारों को राह...
PDS depots में mustard oil की कीमत ₹7 प्रति लीटर कम, APL, NFSA और taxpayer card holders को मिलेगा सी
धर्मशाला में शाम ढलते ही बसों की कमी, यात्रियों की बढ़ी मुश्...
शाम 6:50 के बाद बस service लगभग बंद, Kangra व आसपास रूट के यात्रियों को 7:45 तक इंतजार, ठंड में stud
सीमा चेक पोस्ट पर सुरक्षा कड़ी, हर वाहन की जांच अनिवार्य...
सेवा ब्रिज Check Post पर ASP ने किया surprise inspection, staff को हर vehicle की proper checking और
बोर्ड परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने को फिर लागू होगा ‘एग्ज...
HP Board exams में surveillance बढ़ाने के लिए Exam Mitra app अनिवार्य, question paper opening से ans
गोकल नगर में केंद्रीय विद्यालय निर्माण को मिली रफ्तार...
Gokal Nagar में Kendriya Vidyalaya के लिए 48 kanal land transfer शुरू, joint inspection के बाद Bhanz