सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग सिंह ठाकुर के बीसीसीआई से जुड़ने पर लगाया गया प्रतिबंध हटा दिया
सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग सिंह ठाकुर के बीसीसीआई से जुड़ने पर लगाया गया प्रतिबंध हटा दिया

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Feb. 5, 2026 5:38 p.m. 138

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को भाजपा नेता और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के पूर्व अध्यक्ष अनुराग सिंह ठाकुर के बीसीसीआई से जुड़ने पर लगे प्रतिबंध को हटा दिया। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने स्पष्ट किया कि 2017 में जो आदेश जारी हुआ था, जिसमें ठाकुर को बोर्ड के कामकाज से "अलग रहने" का निर्देश दिया गया था, वह आजीवन अयोग्यता का आदेश नहीं था।

इस फैसले के बाद अनुराग ठाकुर के लिए बीसीसीआई के नियमों और विनियमों के तहत कामकाज में शामिल होने का मार्ग अब पूरी तरह साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुराग ठाकुर अब बोर्ड के विभिन्न कार्यों और गतिविधियों में भाग ले सकते हैं और उन्हें किसी प्रकार की अयोग्यता का सामना नहीं करना पड़ेगा।

2017 में, सर्वोच्च न्यायालय ने ठाकुर को बीसीसीआई अध्यक्ष पद से हटा दिया था और उनके खिलाफ अवमानना और झूठी गवाही देने के आरोपों पर कार्यवाही शुरू की थी। हालांकि बाद में ये कार्यवाही रोक दी गई थी, लेकिन उसी समय उन्हें बीसीसीआई से किसी भी प्रकार की जुड़ाव की अनुमति नहीं दी गई थी। यह मामला लोढ़ा समिति के दिशानिर्देशों और उनके कार्यान्वयन से संबंधित था।

पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि 2017 का आदेश केवल ठाकुर को बोर्ड के दैनिक कामकाज और निर्णय लेने से अलग रखने का था, इसे आजीवन प्रतिबंध के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद भारतीय क्रिकेट के प्रमुख निकाय बीसीसीआई में अनुराग ठाकुर सक्रिय रूप से शामिल हो सकते हैं और अपने अनुभव और नेतृत्व से बोर्ड को लाभ पहुँचा सकते हैं।

अनुराग ठाकुर के लिए यह फैसला राजनीतिक और खेल जगत दोनों ही स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। BCCI के नियमों के अनुसार, अब वह विभिन्न समितियों, मैच आयोजन, चयन और प्रशासनिक कार्यों में योगदान दे सकते हैं। कोर्ट के इस फैसले को क्रिकेट जगत और भाजपा दोनों ही पक्षों में सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची ने इस आदेश के दौरान कहा कि बीसीसीआई का संचालन और प्रशासनिक निर्णय स्वतंत्र और निष्पक्ष होना चाहिए और किसी भी पूर्व आदेश को बाधा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। इस फैसले के बाद अनुराग ठाकुर के बीसीसीआई में योगदान और भागीदारी की संभावनाओं के लिए रास्ता साफ हो गया है।

इस प्रकार, 2017 में लगाए गए प्रतिबंध और विवादित आदेश अब समाप्त हो गए हैं और अनुराग सिंह ठाकुर BCCI में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह सक्षम हो गए हैं।

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