उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सैन्य बलों के सम्मान में किया योगदान
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सैन्य बलों के सम्मान में किया योगदान

Post by : Khushi Joshi

Dec. 8, 2025 2:37 p.m. 3346

उना। सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर जिला ऊना के टाहलीवाल उपमंडल के गोंदपुर जयचंद में आयोजित कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने देश की सशस्त्र सेनाओं के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए आर्थिक अंशदान दिया। इस मौके पर जिला सैनिक कल्याण कार्यालय ऊना के उपनिदेशक कर्नल (सेवानिवृत्त) एस.के. कालिया ने स्वयं उप मुख्यमंत्री और उनके निजी स्टाफ की वर्दी पर सशस्त्र सेना का प्रतीकात्मक झंडा लगाकर योगदान प्राप्त किया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उस भावना को याद करना था, जिसके दम पर भारतीय सैनिक सीमाओं पर दिन-रात देश की सुरक्षा में जुटे रहते हैं।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि 7 दिसंबर को मनाया जाने वाला सशस्त्र सेना झंडा दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि देश की आन-बान-शान की रक्षा करने वाले जवानों और पूर्व सैनिकों के प्रति सम्मान की जनभावना है। उन्होंने कहा कि यह दिन उन अमर बलिदानियों की याद में समर्पित है, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए, साथ ही उन सैनिकों के लिए भी जो घायल होकर आज भी देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने इस अवसर पर भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना के वीर जवानों तथा उनके परिवारों के प्रति शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।

उप मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस दिवस पर लगाए जाने वाले विशेष झंडे और लोगों द्वारा किए गए अंशदान की राशि सीधे शहीद सैनिकों के परिजनों, दिव्यांग पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों के कल्याण पर खर्च की जाती है। यह धनराशि सैनिकों के बच्चों की शिक्षा, चिकित्सकीय सहायता, पुनर्वास तथा अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध करवाने में उपयोग होती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे आगे बढ़कर इस पुनीत कार्य में अधिक से अधिक सहयोग करें, ताकि हमारे सैनिक परिवारों को यह महसूस हो सके कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।

कार्यक्रम के उपरांत उप मुख्यमंत्री अपने आवास पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने स्थानीय नागरिकों से मुलाकात करते हुए उनकी समस्याएँ सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए हमेशा तत्पर है और भविष्य में भी उनके लिए योजनाओं को और मजबूत किया जाएगा।

सशस्त्र सेना झंडा दिवस का यह आयोजन न केवल अंशदान तक सीमित रहा, बल्कि लोगों को यह संदेश भी देता रहा कि देश की सीमाओं पर डटे हर जवान का बलिदान अमूल्य है और समाज का कर्तव्य है कि उन परिवारों तक सम्मान और सहयोग पहुँचाया जाए, जो इस बलिदान के पीछे खड़े हैं।

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