मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऊना में राधाकृष्ण मंदिर महासम्मेलन में भाग लिया और जनकल्याण पर जोर दिया
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ऊना में राधाकृष्ण मंदिर महासम्मेलन में भाग लिया और जनकल्याण पर जोर दिया

Post by : Himachal Bureau

Feb. 5, 2026 4:55 p.m. 137

आज ऊना जिले के कोटला कलां में स्थित प्राचीन और प्रसिद्ध श्री राधाकृष्ण मंदिर में वार्षिक धार्मिक महासम्मेलन का आयोजन हुआ। इस पावन अवसर पर उपस्थित लोगों को पूजा-अर्चना करने का अवसर मिला और बाबा बाल जी महाराज से आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। इस अवसर पर प्रदेश सरकार की जनसेवा की विभिन्न योजनाओं और सामाजिक कल्याण के कार्यों पर भी प्रकाश डाला गया।

मंदिर में आयोजित महासम्मेलन में उपस्थित नागरिकों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए बताया गया कि श्रीमद्भागवत गीता की कर्मयोग की भावना के अनुसार प्रदेश सरकार निरंतर जनता की सेवा में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य समाज के सभी वर्गों तक सहायता पहुँचाना और गरीब व जरूरतमंदों की मदद करना है। विशेष रूप से सुख-आश्रय योजना के माध्यम से निराश्रित बच्चों की देखभाल की जाती है, ताकि उनका पालन-पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।

सरकारी अधिकारियों ने उपस्थित लोगों को यह भी बताया कि प्रदेश सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत है कि कोई भी विद्यार्थी आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे। इसके लिए छात्रवृत्ति योजनाएं, मुफ्त शैक्षणिक सामग्री और अन्य सहायता प्रदान की जा रही है। उन्होंने जनता से अपील की कि वे इन योजनाओं और कार्यक्रमों में सहयोग करें और बच्चों की शिक्षा और कल्याण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने कहा कि जनता का सहयोग और भगवान के आशीर्वाद से हिमाचल प्रदेश के हक़ और हक़ूक़ की लड़ाई हमेशा जारी रहेगी। प्रदेश सरकार का मानना है कि सामाजिक कल्याण और शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयास भविष्य में राज्य के विकास और समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस धार्मिक महासम्मेलन में विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्थानीय नेता और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। उन्होंने मिलकर जनसेवा, सामाजिक कल्याण, शिक्षा और बच्चों के हित के लिए अनेक विचार साझा किए। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने मंदिर परिसर की पवित्रता और आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की।

इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि धर्म और समाज सेवा का मार्ग एक-दूसरे से जुड़ा हुआ है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए जन-जन की भागीदारी आवश्यक है। प्रदेश सरकार का यह प्रयास है कि हर नागरिक, विशेषकर युवा, इन पहलों में सक्रिय रूप से शामिल हो और हिमाचल प्रदेश को सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक दृष्टि से मजबूत बनाए।

उपरोक्त वार्षिक महासम्मेलन ने एक बार फिर से यह साबित कर दिया कि धर्म और समाज सेवा के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है और राज्य के विकास में जनता की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

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