भोरंज में नशा जागरूकता शिविर, युवाओं को सुरक्षित जीवन के लिए प्रेरित किया जाएगा
भोरंज में नशा जागरूकता शिविर, युवाओं को सुरक्षित जीवन के लिए प्रेरित किया जाएगा

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Feb. 5, 2026 4:23 p.m. 128

नशा मुक्त समाज के निर्माण और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए भोरंज उपमंडल की नशा निवारण समिति लगातार सक्रिय प्रयास कर रही है। समिति की ओर से विभिन्न जागरुकता गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं, ताकि नशा विरोधी संदेश हर नागरिक तक पहुँच सके। इसी कड़ी में उपमंडल स्तर की समिति ने 18 फरवरी को ग्राम पंचायत भौंखर में एक विशेष नशा जागरूकता कार्यशाला आयोजित करने का निर्णय लिया है।

उपमंडल स्तरीय नशा निवारण समिति के अध्यक्ष एवं भोरंज के एसडीएम शशिपाल शर्मा ने वीरवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करके आगामी कार्यशाला की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में नशा मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और जागरुकता कार्यक्रमों में नागरिकों, विशेषकर युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के उपाय तय किए गए।

एसडीएम शशिपाल शर्मा ने कहा कि नशा मुक्त अभियान केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इसके सफल होने के लिए आम जनता की सक्रिय भागीदारी अनिवार्य है। उन्होंने यह भी बताया कि जागरूकता के बिना नशा रोकने के प्रयास अधूरे रह जाएंगे। इस उद्देश्य से उपमंडल स्तरीय समिति ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में नशा विरोधी संदेश फैलाने और कार्यक्रमों में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दें।

बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, पुलिस, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। इसके अलावा तहसील कल्याण अधिकारी बलदेव चंदेल, डिग्री कॉलेज से डॉ. प्रिंस ठाकुर, सीनियर सेकंडरी स्कूल के प्रधानाचार्य अनिल डोगरा, भोरंज थाना प्रभारी प्रशांत ठाकुर, बाल विकास परियोजना अधिकारी सुनील कुमार, बीएमओ कार्यालय से संजीव कतना और आईटीआई के प्रशिक्षण प्रभारी संजीव कुमार धीमान ने भी बैठक में भाग लिया।

बैठक में अधिकारियों ने नशा जागरूकता कार्यशाला में बच्चों, युवाओं और ग्रामीण नागरिकों के लिए विशेष सत्र आयोजित करने का प्रस्ताव रखा। इसमें नशे के खतरों, स्वास्थ्य पर प्रभाव, सामाजिक दुष्प्रभाव और कानूनी दायित्वों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक उदाहरण और इंटरैक्टिव सेशन्स के माध्यम से नशा मुक्त रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

एसडीएम शशिपाल शर्मा ने कहा कि नशा विरोधी अभियान में सफलता तभी मिलेगी जब समाज के हर वर्ग को इस कार्यक्रम में शामिल किया जाए। उन्होंने अधिकारियों और विभागों से अपील की कि वे 18 फरवरी की कार्यशाला को भोरंज उपमंडल की सबसे बड़ी और प्रभावशाली जागरूकता कार्यशाला बनाने में सहयोग करें। उन्होंने यह भी कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से युवा पीढ़ी को सही दिशा में मार्गदर्शन देना और उन्हें नशे के प्रभावों से बचाना मुख्य उद्देश्य होगा।

भोरंज उपमंडल स्तरीय नशा निवारण समिति की यह पहल न केवल स्थानीय युवाओं को नशा मुक्त करने में सहायक होगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में नशा विरोधी संदेश को भी मजबूती से स्थापित करेगी। समिति का मानना है कि जागरूकता और शिक्षा के माध्यम से ही नशा जैसी समस्या को समाज से पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।

इस कार्यशाला की तैयारियों के लिए स्थानीय अधिकारियों और स्कूल, कॉलेजों के प्रतिनिधियों की टीम पहले से ही सक्रिय है। कार्यक्रम में सहभागी अधिकारियों ने सभी लोगों से अनुरोध किया है कि वे इस अभियान में अधिक से अधिक लोगों को शामिल करें और कार्यशाला को सफल बनाने में सहयोग दें।

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