Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक बाबा बालक नाथ मंदिर दियोटसिद्ध में इस वर्ष 14 मार्च से 13 अप्रैल तक आयोजित किए जाने वाले चैत्र मास मेले की तैयारियां पूरी गति से शुरू कर दी गई हैं। जिलाधीश एवं बाबा बालक नाथ मंदिर न्यास की आयुक्त गंधर्वा राठौड़ ने मंगलवार को विभिन्न विभागों और मंदिर न्यास के अधिकारियों के साथ बैठक कर मेले की तैयारियों की समीक्षा की।
इस दौरान जिलाधीश ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि चैत्र मास मेले के दौरान और उसके बाद मई-जून तक दियोटसिद्ध में भक्तों की संख्या में भारी वृद्धि रहती है। ऐसे में मेले की व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में निर्माण और मरम्मत कार्य चल रहे हैं, जिन्हें तेजी से पूरा किया जाए ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही में किसी प्रकार की परेशानी या बाधा न आए।
जिलाधीश ने स्पष्ट किया कि मेले के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं। एसडीएम बड़सर को मेला अधिकारी, एसडीपीओ बड़सर को मेला पुलिस अधिकारी और बीएमओ को मेला चिकित्सा अधिकारी नियुक्त किया गया है। मेले के दौरान क्षेत्र में यातायात, कानून-व्यवस्था, पेयजल और बिजली की आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं, सफाई और अन्य सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलानी होंगी। इसके लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस कर्मचारी, होमगार्ड, चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मी, सफाईकर्मी और अन्य कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। साथ ही आपदा प्रबंधन के लिए आपदा मित्रों की सेवाएं भी ली जा सकती हैं।
जिलाधीश ने यह भी कहा कि आगजनी, दुर्घटना या अन्य किसी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सभी तैयारी और प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं। इसके लिए मॉक ड्रिल आयोजित कर कर्मचारियों और अधिकारियों को तैयार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर मेले के दौरान 24 घंटे खुला रहेगा। स्वास्थ्य सेवाओं, पार्किंग, बस और टैक्सी सुविधा, लंगर व्यवस्था और अन्य सुविधाओं पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर मंदिर न्यास की अध्यक्ष एवं बड़सर की एसडीएम स्वाति डोगरा ने मेले से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं और प्रबंधों की विस्तृत जानकारी अधिकारियों को दी। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुभाष ढटवालिया ने मेले के सुचारू संचालन के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव और मार्गदर्शन प्रस्तुत किए।
बैठक में एडीसी अभिषेक गर्ग, डीएसपी लालमन शर्मा, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय अत्री, जिला भाषा अधिकारी संतोष कुमार पटियाल, जिला और उपमंडल स्तर के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय पंचायत जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
जिलाधीश ने बैठक के समापन में सभी अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए कि मेले की तैयारियों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहे और सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण कर श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक मेले न केवल श्रद्धालुओं के लिए बल्कि स्थानीय जनजीवन और पर्यटन के लिए भी महत्वपूर्ण हैं, इसलिए प्रत्येक प्रबंध को बारीकी से देखा जाना चाहिए।
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