Post by : Himachal Bureau
कांगड़ा घाटी रेलमार्ग पर रेल सेवाओं में किए गए नए बदलावों ने स्थानीय लोगों, दैनिक यात्रियों और पर्यटकों की चिंता बढ़ा दी है। रेलवे प्रशासन द्वारा कुछ विशेष रेल सेवाओं को अगले आदेशों तक स्थगित करने और सप्ताह में एक दिन सभी यात्री ट्रेनों का संचालन बंद रखने के फैसले के बाद क्षेत्र में असंतोष का माहौल देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि लंबे समय तक बंद रहने के बाद हाल ही में जिन रेल सेवाओं को दोबारा शुरू किया गया था, उनसे क्षेत्रवासियों को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन कुछ ही दिनों में सेवाओं पर रोक लगने से यात्रियों को निराशा हाथ लगी है।
रेलवे विभाग के अनुसार कांगड़ा घाटी रेलखंड पर पटरियों, पुलों, सिग्नल व्यवस्था और अन्य तकनीकी ढांचे के नियमित निरीक्षण एवं मरम्मत कार्यों को बेहतर ढंग से पूरा करने के लिए प्रत्येक सप्ताह एक दिन रखरखाव कार्य किया जाएगा। इसी उद्देश्य से हर शुक्रवार को इस रेलखंड पर सभी यात्री रेल सेवाएं निलंबित रखने का निर्णय लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा और रेल संचालन को अधिक सुरक्षित एवं सुचारू बनाने के लिए उठाया गया है।
हालांकि, इस फैसले का असर हजारों यात्रियों पर पड़ने की संभावना है। कांगड़ा घाटी रेलवे क्षेत्र के कई गांवों और कस्बों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण परिवहन माध्यम माना जाता है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग रोजगार, शिक्षा, व्यापार और अन्य कार्यों के लिए इस रेल सेवा का उपयोग करते हैं। ऐसे में ट्रेनों के संचालन में कटौती से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से नैरोगेज ट्रेन इस क्षेत्र की पहचान रही है और यह केवल एक परिवहन सेवा नहीं बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा भी है। लोगों का मानना है कि रेल सेवाओं को बेहतर बनाने की आवश्यकता है, लेकिन इसके लिए यात्रियों की सुविधा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
इसी बीच एक बार फिर ब्रॉड गेज सर्वे की चर्चा तेज हो गई है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अतीत में कई बार सर्वेक्षण किए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। ऐसे में लोगों की प्राथमिक मांग मौजूदा रेल सेवाओं को नियमित और सुचारू रूप से संचालित करने की है।
रेल सेवाओं में हुए बदलाव को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने भी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि रेलवे विभाग को यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने चाहिए। वहीं कई लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जा सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेन सेवा बंद होने और सप्ताह में एक दिन परिचालन रुकने से पर्यटन क्षेत्र पर भी असर पड़ सकता है। कांगड़ा घाटी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व के कारण बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करती है। ऐसे में रेल सेवाओं में कमी का प्रभाव स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल सकता है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेनों की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है। साथ ही आश्वासन दिया है कि रखरखाव कार्य पूरा होने के बाद रेल सेवाओं को और अधिक सुरक्षित तथा प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
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