Post by : Ram Chandar
बिलासपुर: जिला अस्पताल बिलासपुर में मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए अस्पताल परिसर में दवा दुकानों की व्यवस्था की गई है, लेकिन मरीजों और तीमारदारों के अनुसार इन दुकानों का उद्देश्य पूरी तरह से पूरा नहीं हो पा रहा है। अस्पताल परिसर में तीन दवा दुकानें रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) द्वारा संचालित की जाती हैं, ताकि मरीजों को 24 घंटे दवाइयां उपलब्ध हो सकें और आपातकालीन परिस्थितियों में उन्हें बाहर जाकर दवा लेने की जरूरत न पड़े।
हालांकि, इस व्यवस्था का वास्तविक लाभ मरीजों को पर्याप्त रूप से नहीं मिल पा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात 10 बजे के बाद ये दुकानें बंद हो जाती हैं, जिससे रात के समय किसी मरीज को अचानक दवा की जरूरत पड़ने पर बड़ी मुश्किल होती है। कई बार मरीजों की हालत बिगड़ जाती है या पुरानी बीमारियों की दवाइयों की कमी महसूस होती है, लेकिन बंद दुकानें मिलने के कारण मरीजों और उनके परिजनों को मजबूरन अस्पताल के बाहर जाना पड़ता है। यह स्थिति कई बार जोखिम भरी और परेशानी भरी साबित होती है।
तीमारदार प्रकाश ठाकुर, विद्या देवी, जगदीश कुमार और किरपा राम सहित अन्य लोगों ने बताया कि अस्पताल में भर्ती मरीजों को कई बार रात में जरूरी दवाइयों की तत्काल आवश्यकता होती है। इस समय दवा दुकानें बंद मिलने से मरीजों और तीमारदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
मरीजों और उनके परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और रोगी कल्याण समिति से अनुरोध किया है कि रात 10 बजे के बाद भी दवा दुकानों को खुला रखने के निर्देश दिए जाएं। उनका कहना है कि अगर स्टाफ की कमी है तो शिफ्ट व्यवस्था के माध्यम से रात भर दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यह सुविधा रात भर जारी रहती है, तो आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को जीवन रक्षक दवाइयां समय पर मिल सकती हैं और परिजनों की परेशानियां भी काफी हद तक कम हो सकती हैं। अस्पताल प्रशासन से उम्मीद जताई जा रही है कि वे इस समस्या का जल्द समाधान करेंगे और मरीज-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाकर दवा दुकानों को रात 10 बजे के बाद भी चालू रखेंगे।
इससे न केवल मरीजों को राहत मिलेगी बल्कि अस्पताल परिसर की यह सुविधा वास्तविक रूप से उनके लिए लाभकारी साबित होगी। समय पर दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करना मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, खासकर आपातकालीन परिस्थितियों में।
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