मणिमहेश डल झील में डल तोड़ने की परंपरा पूरी, राधाष्टमी स्नान शुरू
मणिमहेश डल झील में डल तोड़ने की परंपरा पूरी, राधाष्टमी स्नान शुरू

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Sept. 19, 2026 10:47 a.m. 108

मणिमहेश डल झील में निभाई गई डल तोड़ने की परंपरा

भरमौर, चंबा। प्रसिद्ध श्री मणिमहेश यात्रा 2026 के धार्मिक क्रम में शुक्रवार को मणिमहेश डल झील में डल तोड़ने की पारंपरिक रस्म श्रद्धा और विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। स्थानीय परंपरा के अनुसार कार्तिक स्वामी जी से अनुमति लेने के बाद शिव चेलों ने डल तोड़ने की रस्म पूरी की। इसके बाद शुभ मुहूर्त में राधाष्टमी का पवित्र स्नान शुरू हो गया।

पूजा-अर्चना के बाद पूरी हुई धार्मिक रस्म

डल तोड़ने की रस्म से पहले विधिवत पूजा-अर्चना की गई और नारियल अर्पित किया गया। इसके बाद कार्तिक स्वामी जी से अनुमति प्राप्त करने की पारंपरिक प्रक्रिया पूरी की गई और शिव चेलों ने डल तोड़ने की रस्म निभाई। धार्मिक मान्यता के अनुसार राधाष्टमी के अवसर पर देवी-देवताओं के भी शिव कुंड में स्नान करने की आस्था है। इसी वजह से इस अवसर का मणिमहेश यात्रा में विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है।

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शिव चेलों और कार्तिक स्वामी के चेलों की रहती है भूमिका

स्थानीय मान्यता के अनुसार संचुई के शिव चेलों का संबंध त्रिलोचन महादेव की परंपरा से माना जाता है। डल तोड़ने की रस्म में शिव चेलों और कार्तिक स्वामी जी के चेलों की पारंपरिक भूमिका रहती है। यह रस्म श्री मणिमहेश यात्रा की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

श्री मणिमहेश में होगा शिव नवाला

इसी अवसर पर संचुई के शिव गुरु चेलों की ओर से श्री मणिमहेश में शिव नवाला का आयोजन भी किया जाएगा। इसे भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और सामूहिक पूजा-अर्चना से जुड़ी महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा माना जाता है।

19 सितंबर तक चलेगा राधाष्टमी स्नानcराधाष्टमी का पवित्र स्नान 19 सितंबर तक जारी रहेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मणिमहेश डल झील में पवित्र स्नान कर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करेंगे।

प्रशासन ने किए सुरक्षा और सुविधा के इंतजाम

श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए भरमौर प्रशासन की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से मौसम और यात्रा की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने में सहयोग करने का भी आग्रह किया है।

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