Author : Gopal Dutt Sharma
देश के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण सांख्यिकीय अभियान जनगणना-2027 की तैयारियां तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। इस राष्ट्रीय अभियान के तहत देशभर में व्यापक स्तर पर आंकड़े एकत्रित किए जाने हैं, जिसके लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में शिक्षकों की भी तैनाती की गई है। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के राजगढ़ क्षेत्र में जनगणना कार्य से जुड़े शिक्षकों ने सरकार और संबंधित विभागों के समक्ष अपनी व्यावहारिक कठिनाइयों को रखते हुए महत्वपूर्ण मांग उठाई है। शिक्षकों का कहना है कि विद्यालयी जिम्मेदारियों और जनगणना कार्य को एक साथ निभाना लगातार चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।
शिक्षा विभाग से जुड़े कई शिक्षकों को इस अभियान में प्रगणक और पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है। वर्तमान समय में ये शिक्षक नियमित शिक्षण कार्य, विद्यार्थियों की शैक्षणिक गतिविधियों, परीक्षा संबंधी दायित्वों, प्रशासनिक कार्यों तथा विद्यालय प्रबंधन से जुड़े कार्यों को भी संभाल रहे हैं। इसके साथ-साथ उन्हें जनगणना के लिए घर-घर जाकर सर्वेक्षण करना, परिवारों से जानकारी एकत्रित करना, दस्तावेजों का सत्यापन करना और निर्धारित प्रारूप में आंकड़े दर्ज करने जैसे कार्य भी करने पड़ रहे हैं।
शिक्षकों का कहना है कि जनगणना 2027 केवल जनसंख्या की गिनती का कार्य नहीं है, बल्कि इसके अंतर्गत सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और आवासीय परिस्थितियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी एकत्रित की जाती है। ऐसे में प्रत्येक परिवार तक पहुंचना और सही जानकारी संकलित करना समय और श्रम दोनों की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण कार्य बन जाता है।
इसके अलावा शिक्षक संघ ने भी इस विषय को गंभीरता से उठाया है। उनका कहना है कि यदि शिक्षकों को जनगणना कार्य के दौरान विद्यालयी दायित्वों से अस्थायी राहत प्रदान की जाए तो वे इस राष्ट्रीय अभियान को अधिक प्रभावी और समयबद्ध तरीके से पूरा कर सकते हैं। इससे न केवल आंकड़ों की गुणवत्ता बेहतर होगी बल्कि शिक्षकों पर पड़ने वाला अतिरिक्त मानसिक और शारीरिक दबाव भी कम होगा।
जनगणना प्रक्रिया में तकनीकी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। वर्तमान व्यवस्था में अधिकांश कार्य डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है। मोबाइल एप के माध्यम से आंकड़ों को दर्ज और अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। कई शिक्षकों के लिए आवश्यक तकनीकी संसाधनों और आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता भी एक चुनौती बनी हुई है।
विशेष रूप से महिला शिक्षक इस दोहरी जिम्मेदारी को लेकर अधिक चिंता व्यक्त कर रही हैं। विद्यालय समय समाप्त होने के बाद उन्हें सर्वेक्षण कार्य के लिए विभिन्न क्षेत्रों में जाना पड़ता है। पारिवारिक जिम्मेदारियों, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और समय प्रबंधन की समस्याओं के कारण उनके सामने अतिरिक्त कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।
शिक्षकों का मानना है कि सरकारी सर्वेक्षण देश की विकास योजनाओं और नीतियों के निर्माण के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं, इसलिए वे इस कार्य को पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ पूरा करना चाहते हैं। हालांकि उनका कहना है कि यदि उन्हें सीमित अवधि के लिए विद्यालयी दायित्वों से आंशिक या पूर्ण राहत प्रदान की जाती है तो जनगणना अभियान अधिक व्यवस्थित, सटीक और सफल तरीके से संपन्न हो सकेगा। इसी मांग को लेकर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से सरकार तक अपनी बात पहुंचाई गई है और सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई जा रही है।
नौणी विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में शिक्षा, शोध और स्वरोजगा...
नौणी University की Senate बैठक में नई शिक्षा नीति, Digital Knowledge Centre, स्वरोजगार, शोध गतिविधिय
किन्दर में जय श्री देव गण समर कप का समापन, आईजीएमसी शिमला बन...
Summer Cup के फाइनल में आईजीएमसी शिमला ने आईपीएच गुम्मा को हराया। Tournament के समापन समारोह में खिल
जनगणना 2027 में शिक्षकों पर दोहरी जिम्मेदारी का बढ़ा बोझ, रा...
Census 2027 में शिक्षकों पर School Duty और Survey Work का दबाव बढ़ा, अध्यापक संघ ने सरकार से अस्थायी
हिमाचल में बदला मौसम, ऊंची चोटियों पर बर्फबारी और बारिश के आ...
Himachal Weather Update में ऊंची चोटियों पर बर्फबारी, कई जिलों में बारिश, आंधी और Orange Alert जारी,
जम्मू-कश्मीर के सांबा में बड़ा सड़क हादसा, टेंपो पलटने से 13...
Jammu-Kashmir के Samba जिले के घगवाल में National Highway के पास Tempo पलटने से 13 यात्री घायल हो गए
नॉर्वे की राजदूत ने लोक भवन में राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट क...
Norway Ambassador ने Governor से मुलाकात की। Cultural Exchange और Nature Book Presentation हुई। Hima
नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने पूर्व विधायक एवं भाजपा प्रवक्त...
सुजानपुर में Newly Elected Representatives ने Rajendra Rana से शिष्टाचार भेंट की। विकास कार्यों और P