Author : Rajesh Vyas
पालमपुर उपमंडल में सड़कों पर घूम रहे बेसहारा गौवंश की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में प्रशासन ने सक्रिय कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। क्षेत्र में गौवंश को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने और सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम करने के उद्देश्य से गौशालाओं की क्षमता बढ़ाने की योजना पर काम किया जा रहा है। इसी क्रम में उपमंडलाधिकारी डॉ. ओपी यादव ने गोपालपुर क्षेत्र के कुड्डन स्थित गौशाला का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने गौशाला में रहने वाले गौवंश के लिए उपलब्ध स्थान, रखरखाव की स्थिति, आधारभूत सुविधाओं और भविष्य में विस्तार की संभावनाओं का मूल्यांकन किया। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, गौशाला प्रबंधन से जुड़े प्रतिनिधि तथा अन्य संबंधित कर्मचारी भी मौजूद रहे। प्रशासन का उद्देश्य है कि अधिक से अधिक बेसहारा पशुओं को सुरक्षित आश्रय प्रदान किया जाए और उन्हें सड़कों से हटाकर व्यवस्थित रूप से गौशालाओं में रखा जाए।
उपमंडलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान पाया कि वर्तमान में गौशाला में लगभग 170 गौवंश रखे गए हैं। उन्होंने अधिकारियों और गौशाला प्रबंधन को निर्देश दिए कि उपलब्ध संसाधनों और अतिरिक्त निर्माण कार्यों के माध्यम से इसकी क्षमता को बढ़ाकर लगभग 225 पशुओं तक किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि गौशाला की क्षमता बढ़ती है तो क्षेत्र में घूम रहे अधिक संख्या में बेसहारा पशुओं को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जा सकेगा।
निरीक्षण के दौरान यह भी सुझाव दिया गया कि गौशाला परिसर में कर्मचारियों के लिए बनाए गए आवास को अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि उस क्षेत्र का उपयोग गौवंश के लिए अतिरिक्त स्थान विकसित करने में किया जा सके। प्रशासन ने इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
डॉ. ओपी यादव ने कहा कि प्रशासन क्षेत्र में बढ़ती गौवंश संरक्षण की आवश्यकता को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूमने वाले पशु न केवल स्वयं के लिए खतरा बनते हैं बल्कि वाहन चालकों और आम लोगों के लिए भी दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं। इसलिए इन पशुओं को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि भविष्य में अन्य गौशाला परिसरों का भी निरीक्षण किया जाएगा। जहां भी विस्तार की संभावना होगी, वहां अतिरिक्त निर्माण कार्य करवाने की योजना बनाई जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक बेसहारा गौवंश को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाए और उन्हें उचित देखभाल मिल सके।
इस दौरान संबंधित अधिकारियों को पशु कल्याण से जुड़े सभी मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं में स्वच्छता, भोजन, पानी और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए ताकि पशुओं को बेहतर वातावरण मिल सके।
प्रशासन का मानना है कि इस पहल से न केवल सड़क सुरक्षा बेहतर होगी बल्कि क्षेत्र में पशु संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन के इस प्रयास की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि इससे बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान में मदद मिलेगी और लोगों को सड़कों पर होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। उपमंडल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आने वाले समय में गौवंश संरक्षण और उनके सुरक्षित पुनर्वास के लिए और भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे ताकि क्षेत्र में मानवीय और सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
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