हमीरपुर में दुग्ध सहकारी सभाओं और बेसहारा पशुओं के प्रबंध पर उपायुक्त ने समीक्षा की
हमीरपुर में दुग्ध सहकारी सभाओं और बेसहारा पशुओं के प्रबंध पर उपायुक्त ने समीक्षा की

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

Feb. 4, 2026 2:58 p.m. 127

दूध उत्पादन को बढ़ावा देने और दूध की खरीद एवं वितरण को सुचारू बनाने के लिए उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ ने बुधवार को एक बैठक की। इस बैठक में उन्होंने पशुपालन विभाग, सहकारिता विभाग, मिल्क फैडरेशन और अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर जिले में दुग्ध सहकारी सभाओं के गठन की प्रगति की समीक्षा की। उपायुक्त ने कहा कि जिला में अभी तक 42 मिल्क सोसाइटियों का गठन किया जा चुका है और अधिकांश सोसाइटियों का ऑनलाइन पंजीकरण भी हो गया है।

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सोसाइटियों के गठन के साथ-साथ दूध उत्पादन की क्षमता का आकलन करें और अधिक उत्पादन वाले क्षेत्रों में दूध के एकत्रीकरण और परिवहन की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यदि दूध को चिलिंग प्लांट या अन्य केंद्रों तक पहुंचाने में अतिरिक्त संसाधन की आवश्यकता होगी, तो इसकी जानकारी तुरंत दी जाए। इसके अलावा सोसाइटियों को टैस्टिंग किट्स, चिलिंग प्लांट की अतिरिक्त मशीनरी और वाहनों की व्यवस्था के लिए स्थानीय संसाधन जुटाने का प्रयास किया जाएगा।

उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा घोषित किए गए दूध के दाम और दूध एकत्रीकरण की प्रक्रिया के बारे में किसानों को जागरूक करना बहुत आवश्यक है। उन्होंने सहकारिता विभाग के अधिकारियों से कहा कि नई सोसाइटियों का गठन होते ही उनका तुरंत ऑनलाइन पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. सतीश कपूर ने दुग्ध सहकारी सभाओं की वर्तमान स्थिति और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।

एक अन्य बैठक में उपायुक्त ने जिला में बेसहारा पशुओं की समस्या पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे पर भटक रहे पशुओं को हटाने के लिए उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए। जिला में पशुपालन विभाग, लोक निर्माण विभाग, नेशनल हाईवे अथॉरिटी, परिवहन विभाग, शहरी निकाय और पंचायतीराज संस्थाएं अपने-अपने क्षेत्रों में आवश्यक कदम उठाए। जो भी बेसहारा पशु मिलता है, उसे तुरंत नजदीकी गौसदन या गौ सेंक्चुरी में भेजने की व्यवस्था की जाए।

उपायुक्त ने बताया कि जिले में कुल 28 गौसदन और गौ सेंक्चुरी संचालित हैं, जिनमें लगभग 2293 पशुओं को रखने की क्षमता है और इस समय 2286 पशु मौजूद हैं। अतिरिक्त पशुओं के लिए और प्रबंध किए जा सकते हैं। बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए उपमंडल स्तर पर समितियां बनाई जाएंगी। बैठक में नगर निगम हमीरपुर के आयुक्त, जिला पंचायत अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे और उन्होंने महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

उपायुक्त ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि जिले में दूध उत्पादन, Milk Societies और Stray Animals के प्रबंधन को प्रभावी और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों और पशुपालकों को लाभ मिल सके।

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