Author : Rajesh Vyas
कृषि क्षेत्र में अब सब्जियों की खेती अनाज की फसलों की तुलना में अधिक लाभकारी साबित हो रही है। कांगड़ा जिले में उप कृषि निदेशक डॉ. कुलदीप धीमान ने किसानों को जानकारी दी कि यदि वे फरवरी महीने के दूसरे पखवाड़े में मिर्च, शिमला मिर्च, टमाटर, बैंगन जैसी सब्जियों के पौधे तैयार करना शुरू करें, तो उन्हें बेहतर आर्थिक लाभ मिल सकता है।
डॉ धीमान ने बताया कि कांगड़ा जिले में लगभग एक लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि बुआई योग्य है, जिसमें से लगभग 6% में सब्जियों की खेती होती है। वहीं जिले में लगभग 35% क्षेत्रफल में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। यदि इस सुविधा का सही उपयोग किया जाए तो सब्जियों की खेती के लिए और अधिक भूमि का उपयोग किया जा सकता है और किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है।
उन्होंने यह भी बताया कि गर्मियों की सब्जियों के पौधे जैसे मिर्च, शिमला मिर्च, टमाटर, बैंगन की तैयारी क्यारियों में की जा सकती है। वहीं कद्दू वर्गीय फसलें जैसे घीया, तोरी, करेला, खीरा इत्यादि की पौध पोलीट्यूब में तैयार की जानी चाहिए। इन फसलों के बीजों का अंकुरण अभी मौसम के अनुसार धीमा है, इसलिए फरवरी में इन बीजों की बिजाई केवल पोलीहाउस या पोली टनल में ही करनी चाहिए।
सब्जियों के पौध तैयार करने के लिए किसान 3 मीटर लंबी, 1 मीटर चौड़ी और 15 सेंटीमीटर ऊँची क्यारी तैयार करें। इसमें सिंचाई, निराई-गुड़ाई और खरपतवार निकालना आसान हो। स्वस्थ पौधे तैयार करने के लिए प्रत्येक क्यारी में 20-25 किलोग्राम गोबर की गली सड़ी खाद डालें। बीज 5 सेंटीमीटर की दूरी पर पंक्तियों में डालें और अंकुरण तक क्यारी को सूखी घास या पोलीथीन की चादर से ढक दें।
डॉ धीमान ने बताया कि बैंगन और टमाटर के लिए क्रमशः 35 और 40 ग्राम बीज डालें। शिमला मिर्च और मिर्च के लिए क्रमशः 120-125 ग्राम बीज पर्याप्त हैं। उन्होंने कहा कि एक क्यारी से तैयार टमाटर और मिर्च के पौधे लगभग 2.5 से 3 कनाल भूमि में रोपाई के लिए पर्याप्त हैं, जबकि बैंगन और शिमला मिर्च के पौधे 1.5 से 2 कनाल भूमि में रोपाई के लिए पर्याप्त हैं।
उप कृषि निदेशक ने किसानों से कहा कि सब्जियों की खेती और पौधे तैयार करना सिर्फ आय का स्रोत नहीं बल्कि स्थायी रोजगार का अवसर भी है। सही तकनीक, पोलीहाउस की सुविधा और पर्याप्त सिंचाई से किसान अपनी उत्पादन क्षमता और आय दोनों में सुधार कर सकते हैं।
मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में हासिल की ऑल इंडिया 65वीं रै...
मंडी की मोनिका ठाकुर ने CSIR NET JRF में ऑल इंडिया 65वीं रैंक हासिल कर सराज और हिमाचल का नाम रोशन कि
1 सितंबर 1972 को कांगड़ा से अलग बना था हमीरपुर जिला, जानें इ...
Hamirpur स्थापना दिवस पर जानें जिले का इतिहास, वीरभूमि की पहचान, कटोच वंश और 1 सितंबर 1972 को जिला ब
बिजली महादेव मंदिर में चला सफाई अभियान, 2 क्विंटल प्लास्टिक ...
कुल्लू के बिजली महादेव मंदिर में Rotary Club और रोवर्स-रेंजर्स ने सफाई अभियान चलाया। करीब 2 क्विंटल
हिमाचल में बढ़े स्वाइन फ्लू के मामले, इन लक्षणों को न करें न...
हिमाचल में Swine Flu के मामले बढ़े। जानें H1N1 Symptoms, बचाव, इलाज और कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूर
नेपाल में फंसे हिमाचलियों की जानकारी दें, प्रशासन ने जारी कि...
Nepal Flood के बीच हमीरपुर प्रशासन अलर्ट, नेपाल गए परिजनों से संपर्क न होने पर तुरंत अधिकारियों को स
मणिमहेश यात्रा के पहले दिन 253 श्रद्धालु हुए रवाना, 20 सितंब...
Manimahesh Yatra 2026 के पहले दिन 253 श्रद्धालु रवाना हुए। Heli Taxi सेवा भी शुरू, 20 सितंबर तक चलेग
हिमाचल में स्वाइन फ्लू की दस्तक, इन लक्षणों को न करें नजरअंद...
हिमाचल में Swine Flu के 4 मामले मिले। जानें H1N1 Virus के लक्षण, बचाव के उपाय और कब लेनी चाहिए डॉक्ट