सैंज पंचायत के समाजसेवी सुभाष ठाकुर को समाज सेवा के लिए राज्य पुरस्कार मिलेगा
सैंज पंचायत के समाजसेवी सुभाष ठाकुर को समाज सेवा के लिए राज्य पुरस्कार मिलेगा

Author : Prem Sagar

Feb. 4, 2026 5:25 p.m. 1848

कुल्लू जिला की सैंज घाटी से ताल्लुक रखने वाले समाजसेवी और तलाड़ा पंचायत के उप प्रधान सुभाष ठाकुर को उनके समर्पित सामाजिक सेवा और जनता के लिए संघर्ष के लिए शिमला में राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। सुभाष बचपन से ही समाजसेवा में लगे हुए हैं और अपने जीवन को हमेशा लोगों की भलाई और विकास के लिए समर्पित किया है।

सुभाष ठाकुर ने 2021 में तलाड़ा ग्राम पंचायत में उप प्रधान के रूप में शपथ ली और तभी से वे पंचायत के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयासरत हैं। पंचायत के हर समस्या को वे गंभीरता से लेते हैं और जरूरत पड़ने पर आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटते। उनके नेतृत्व में पंचायत में विकास कार्य तेजी से हुए और जनता की समस्याओं का समाधान किया गया।

2023 में जब सैंज घाटी में प्राकृतिक आपदा आई, तब पंचायत और आसपास के इलाके पूरी तरह से प्रभावित हुए। कुल 270 परिवार प्रभावित हुए और लगभग 130 घर क्षतिग्रस्त हुए। सड़के टूट गईं, बिजली और पानी की आपूर्ति बंद हो गई, और लोगों के लिए जीवन मुश्किल हो गया। ऐसे संकट के समय भी उप प्रधान सुभाष ठाकुर जनता के साथ खड़े नजर आए। उन्होंने स्थानीय और राज्यस्तरीय सामाजिक संस्थाओं को पंचायत में राहत सामग्री भेजने के लिए आमंत्रित किया और स्वयं रात-दिन राहत कार्यों में लगे रहे।

सुभाष ठाकुर ने प्रशासन तक भी पंचायत की समस्याओं को प्रभावशाली तरीके से पहुंचाया। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि प्रभावित परिवारों को हर तरह की सहायता मिले। जरूरत पड़ने पर उन्होंने आंदोलनों और अन्य कदमों के माध्यम से भी जनता की आवाज उठाई। उनके संघर्ष और समर्पण के कारण तलाड़ा पंचायत और पूरी सैंज घाटी की जनता को मदद और राहत मिली।

सुभाष ठाकुर का मानना है कि संकट में किसी का साथ देना ही इंसानियत का धर्म है। वे प्रकृति, जन्मभूमि और संकट में पड़े मनुष्यों के लिए हमेशा समर्पित रहते हैं। सुभाष बताते हैं कि उन्हें भगवान कृष्ण और सुदामा की कथा से प्रेरणा मिलती है। जैसे सुदामा को गरीबी में भगवान कृष्ण ने मदद दी, वैसे ही उन्होंने अपनी पंचायत की जनता के संकट में हर संभव मदद सुनिश्चित की।

सुभाष ठाकुर ने हमेशा यह संदेश दिया है कि समाज सेवा केवल दायित्व नहीं बल्कि मानवता का परम कर्तव्य है। उनका जीवन और कार्य इस बात का उदाहरण है कि संकट के समय नेतृत्व और समर्पण किस तरह लोगों के लिए आशा और राहत का स्रोत बन सकता है। उनके इस योगदान और जनता के लिए संघर्ष के लिए उन्हें राज्य स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है।

सुभाष ठाकुर की यह उपलब्धि न केवल तलाड़ा पंचायत के लिए बल्कि कुल्लू जिले और हिमाचल प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है। यह पुरस्कार उनके अथक प्रयासों और जनता के प्रति निष्ठा का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

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