नौणी विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में शिक्षा, शोध और स्वरोजगार पर चर्चा
नौणी विश्वविद्यालय की सीनेट बैठक में शिक्षा, शोध और स्वरोजगार पर चर्चा

Post by : Himachal Bureau

June 10, 2026 1:42 p.m. 129

हिमाचल प्रदेश के डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में आयोजित 17वीं सीनेट बैठक में शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति ने की। इस दौरान विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, चल रही योजनाओं और आने वाले समय की कार्ययोजना की समीक्षा भी की गई।

बैठक में विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षा, अनुसंधान और कृषि क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की गई। कहा गया कि विश्वविद्यालय ने पिछले कुछ वर्षों में शैक्षणिक और अनुसंधान गतिविधियों के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, जिससे प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में इसकी पहचान मजबूत हुई है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक समय की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने पर विशेष बल दिया गया।

बैठक के दौरान नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई। साथ ही विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, नवाचार और रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। विश्वविद्यालय में पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में विकसित नक्षत्र वाटिका का उद्घाटन किया गया। यह विशेष परिसर भारतीय परंपराओं, जैव विविधता संरक्षण, औषधीय पौधों और प्राकृतिक जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। यहां विभिन्न प्रकार के वृक्षों, औषधीय पौधों तथा योग और ध्यान के लिए विशेष स्थान विकसित किए गए हैं, जिससे विद्यार्थियों और आगंतुकों को प्रकृति के प्रति जागरूक किया जा सके।

इसके अलावा विश्वविद्यालय में आधुनिक ज्ञान संसाधनों से युक्त डिजिटल ज्ञान केंद्र की आधारशिला भी रखी गई। यह केंद्र विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षकों को अध्ययन और शोध के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। यहां बड़ी संख्या में पुस्तकों, शोध पत्रों और शैक्षणिक सामग्री तक आसान पहुंच उपलब्ध होगी, जिससे अनुसंधान गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।

बैठक के दौरान स्वरोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विकसित विशेष परियोजना की भी समीक्षा की गई। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि छात्र केवल नौकरी तलाशने वाले न बनें, बल्कि स्वयं रोजगार सृजित करने की दिशा में आगे बढ़ें। इसके लिए विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों और व्यावसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण पौध सामग्री, बीज और आधुनिक कृषि तकनीकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कृषि और बागवानी क्षेत्र में अनुसंधान को और मजबूत बनाने की आवश्यकता है ताकि किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिल सके।

बैठक के दौरान विश्वविद्यालय की विभिन्न प्रयोगशालाओं, प्रशिक्षण केंद्रों और अन्य सुविधाओं का भी निरीक्षण किया गया। विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को व्यवहारिक ज्ञान, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को सराहा गया। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और कृषि विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को हासिल करेगा तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान को और मजबूत बनाएगा।

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