दादा से पोती तक कायम रही निशानेबाजी की विरासत, प्रदेश का बढ़ाया मान
दादा से पोती तक कायम रही निशानेबाजी की विरासत, प्रदेश का बढ़ाया मान

Author : Rajesh Vyas

July 15, 2026 3:12 p.m. 126

हिमाचल प्रदेश की 31वीं राज्य निशानेबाजी प्रतियोगिता में कांगड़ा जिले के पटियाल परिवार ने अपनी शानदार उपलब्धियों से सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। यह सफलता केवल दो खिलाड़ियों के पदक जीतने तक सीमित नहीं रही, बल्कि तीन पीढ़ियों तक चली आ रही खेल परंपरा और अनुशासन की एक प्रेरणादायक कहानी बनकर सामने आई है। परिवार के वरिष्ठ सदस्य द्वारा वर्षों पहले जिस खेल यात्रा की शुरुआत की गई थी, आज वही विरासत नई पीढ़ी तक पहुंचकर प्रदेश के लिए गर्व का विषय बन गई है।प्रतियोगिता में परिवार के सदस्य हितेंद्र पाटियाल ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल मास्टर वर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। शूटिंग चैंपियनशिप में मिली यह सफलता उनके लंबे अनुभव, नियमित अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण का परिणाम मानी जा रही है।

पिता की सफलता के साथ बेटी ने भी बढ़ाया परिवार का गौरव

इस प्रतियोगिता की सबसे खास बात यह रही कि हितेंद्र पाटियाल की बेटी हिमानी पाटियाल ने भी कम उम्र में शानदार प्रदर्शन करते हुए सब यूथ महिला वर्ग की 10 मीटर पिस्टल स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। प्रदेशभर से कई प्रतिभागियों के बीच प्रतिस्पर्धा करते हुए हिमानी ने अपने प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि प्रतिभा और मेहनत उम्र की मोहताज नहीं होती।खेल विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी कम आयु में राज्य स्तर पर पदक जीतना भविष्य में बड़ी उपलब्धियों का संकेत माना जाता है। निशानेबाजी के क्षेत्र में हिमानी की सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले वर्षों में वह प्रदेश और देश का नाम रोशन करने की क्षमता रखती हैं।

तीन पीढ़ियों की विरासत बनी प्रेरणा

पटियाल परिवार की यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष मानी जा रही है क्योंकि परिवार की तीन पीढ़ियां इस खेल से जुड़ी रही हैं। हिमानी के दादा शिशु पाटियाल अपने समय के प्रतिष्ठित निशानेबाजों में शामिल रहे। उन्होंने जिस खेल संस्कृति और अनुशासन की नींव रखी, उसी मार्ग पर आगे बढ़ते हुए उनके पुत्र हितेंद्र पाटियाल ने राज्य चैंपियन बनने का गौरव प्राप्त किया।अब तीसरी पीढ़ी के रूप में हिमानी ने पदक जीतकर इस विरासत को आगे बढ़ाया है। यह सफलता इस बात का उदाहरण है कि जब परिवार में खेल का वातावरण, अनुशासन और निरंतर अभ्यास की परंपरा हो तो नई पीढ़ियां भी उसी दिशा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं। हिमाचल प्रदेश के खेल जगत में इस उपलब्धि की व्यापक सराहना की जा रही है।

Read Also: हमीरपुर रोजगार मेला: गौतम कॉलेज ऑफ फार्मेसी के छात्रों ने किया शानदार प्रदर्शन

मेहनत, अनुशासन और समर्पण की बनी मिसाल

खेल विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी खिलाड़ी की सफलता केवल प्रतिभा पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उसके पीछे वर्षों का कठिन अभ्यास, मानसिक मजबूती और निरंतर प्रयास छिपे होते हैं। पटियाल परिवार की उपलब्धि भी इसी का प्रमाण है। लगातार अभ्यास और परिवार के सहयोग ने इस सफलता को संभव बनाया।प्रतियोगिता में स्वर्ण और कांस्य पदक जीतने के बाद पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। खेल प्रेमियों ने दोनों खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। स्वर्ण पदक जीतने वाले हितेंद्र पाटियाल और कांस्य पदक हासिल करने वाली हिमानी पाटियाल आज प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गए हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर जारी रहे तो उपलब्धियां पीढ़ियों तक एक गौरवशाली विरासत का रूप ले सकती हैं।

#हिमाचल प्रदेश #ब्रेकिंग न्यूज़ #ताज़ा खबरें #भारत समाचार #भारतीय खबरें
अनुच्छेद
प्रायोजित
ट्रेंडिंग खबरें
दादा से पोती तक कायम रही निशानेबाजी की विरासत, प्रदेश का बढ़ाया मान पूर्व गृह मंत्रालय अधिकारी का बड़ा दावा, पाक क्रिकेट टीम पर लगे गंभीर आरोप राम मंदिर चढ़ावा मामले में आज आएगी SIT की फाइनल रिपोर्ट, हो सकते हैं बड़े खुलासे 15 जुलाई को जारी हुए पेट्रोल-डीजल के नए दाम, भरवाने से पहले देखें रेट भारत-इंग्लैंड वनडे सीरीज का आगाज आज, जीत के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया लगातार हार के बाद भारतीय टीम पर बीसीसीआई की नजर, कप्तान और कोच की होगी समीक्षा कांगड़ा के शाहपुर में पुलिस थाने के बाहर गिरे बुजुर्ग, अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित हिमाचल में बारिश का कहर, 310 सड़कें बंद, कई घरों पर भूस्खलन का खतरा