हिमाचल में बारिश का कहर, 310 सड़कें बंद, कई घरों पर भूस्खलन का खतरा
हिमाचल में बारिश का कहर, 310 सड़कें बंद, कई घरों पर भूस्खलन का खतरा

Post by : Himachal Bureau

July 11, 2026 11:22 a.m. 143

हिमाचल प्रदेश में लगातार दो दिनों से हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। तेज बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे सड़कें बंद हो गई हैं और लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। कई क्षेत्रों में बिजली और पेयजल सेवाएं भी बाधित हो गई हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में आज भी भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

310 सड़कें बंद, बिजली और पानी की सेवाएं प्रभावित

भारी बारिश और भूस्खलन के कारण प्रदेशभर में लगभग 310 छोटी-बड़ी सड़कें बंद हो गई हैं। कई ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों का संपर्क प्रभावित हुआ है। इसके अलावा करीब 400 बिजली ट्रांसफार्मर बंद होने से कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। लगभग 50 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे लोगों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित विभाग सड़कें खोलने और सेवाएं बहाल करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

शिमला के बोथवेल क्षेत्र में फिर हुआ बड़ा भूस्खलन

राजधानी शिमला में लगातार बारिश के चलते कई स्थानों पर नुकसान की खबरें सामने आई हैं। संजौली कॉलेज के पास स्थित बोथवेल क्षेत्र में शनिवार सुबह करीब चार बजे भारी भूस्खलन हुआ। इस घटना से आसपास के कई मकानों पर खतरा पैदा हो गया है। पहाड़ी से मलबा और मिट्टी खिसककर नीचे की ओर आ गई, जिससे मकानों तक जाने वाला रास्ता भी टूट गया। हालांकि घटना के समय सभी लोग अपने घरों में थे और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, लेकिन स्थानीय लोग लगातार भय के माहौल में रह रहे हैं।

तीन से चार मकानों पर मंडरा रहा खतरा

स्थानीय लोगों के अनुसार भूस्खलन के कारण तीन से चार मकान सीधे खतरे की जद में आ गए हैं। यदि लगातार बारिश जारी रही तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। लोगों का कहना है कि किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। प्रशासन से जल्द सुरक्षा उपाय करने और प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग की जा रही है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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रझाणा और अन्य क्षेत्रों में भी हुआ नुकसान

शिमला के रझाणा क्षेत्र में भूस्खलन के कारण दो वाहन मलबे में दब गए। मिनी कुफ्टाधार इलाके में रास्ता टूट गया है, जबकि शांकली क्षेत्र में एक भवन का हिस्सा गिरने की सूचना मिली है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई संवेदनशील इलाकों में खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ऐसे क्षेत्रों पर नजर बनाए हुए है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि बोथवेल क्षेत्र में इससे पहले भी 28 जून 2025 को बड़ा भूस्खलन हुआ था। उस समय पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें सीधे रिहायशी मकानों तक पहुंच गई थीं। कई महिलाएं और बच्चे अपने घरों में फंस गए थे, जिन्हें बाद में सुरक्षित निकाला गया था। एक बार फिर उसी स्थान पर भूस्खलन होने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में बड़ा नुकसान हो सकता है।

लोगों ने प्रशासन से की त्वरित कार्रवाई की मांग

प्रभावित क्षेत्र के लोगों का कहना है कि घटना के बाद उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें समय पर सहायता नहीं मिल सकी। लोगों ने प्रशासन से तुरंत राहत कार्य शुरू करने, प्रभावित मकानों का निरीक्षण कराने और खतरे वाले क्षेत्रों को सुरक्षित बनाने की मांग की है। साथ ही संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखने की भी अपील की गई है।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा हुई बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे अधिक वर्षा नाहन में 158.9 मिलीमीटर रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा सोलन में 80.2 मिलीमीटर, नगरोटा सूरियां में 62.5 मिलीमीटर, गुलेर में 56.3 मिलीमीटर, धौलाकुआं में 55.5 मिलीमीटर, नारकंडा में 54.5 मिलीमीटर, कुफरी में 50.8 मिलीमीटर, सैंज (कुल्लू) में 48 मिलीमीटर, शिमला में 37.5 मिलीमीटर और मशोबरा में 36.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार हो रही वर्षा के कारण कई इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार प्रदेश में 17 जुलाई तक कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। आज और कल अधिकांश स्थानों पर बारिश का अनुमान लगाया गया है। कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर के कुछ क्षेत्रों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है। लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने की तैयारी कर रहा है।

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