जनगणना के सही आंकड़े ही तय करते हैं विकास की दिशा : प्रेम कुमार धूमल
जनगणना के सही आंकड़े ही तय करते हैं विकास की दिशा : प्रेम कुमार धूमल

Author : Rajneesh Kapil Hamirpur

June 10, 2026 5:29 p.m. 123

जनगणना किसी भी देश के विकास की आधारशिला मानी जाती है और इसके आंकड़े भविष्य की योजनाओं, नीतियों तथा संसाधनों के वितरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने जनगणना प्रक्रिया में आम लोगों की भागीदारी को आवश्यक बताते हुए प्रदेशवासियों से निर्धारित समयावधि के भीतर स्वयं पंजीकरण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराकर इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाने में अपना योगदान दे।

हमीरपुर क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रो. प्रेम कुमार धूमल ने स्वयं जनगणना प्रक्रिया के अंतर्गत अपना पंजीकरण पूरा किया। इस अवसर पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे और उन्होंने जनगणना की प्रक्रिया तथा उसके महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की। अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में जनगणना का प्रारंभिक चरण संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत परिवार स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद निर्धारित अवधि में गणनाकर्मी घर-घर जाकर आवश्यक विवरण एकत्रित करेंगे।

प्रो. धूमल ने कहा कि जनगणना 2027 केवल जनसंख्या की गणना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य की विकास योजनाओं की दिशा तय करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकारें शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं तैयार करते समय जनगणना के आंकड़ों का उपयोग करती हैं। इसलिए प्रत्येक नागरिक द्वारा दी गई जानकारी का महत्व बहुत अधिक होता है।

उन्होंने कहा कि स्वयं गणना की सुविधा नागरिकों को सरल और सुविधाजनक माध्यम उपलब्ध कराती है। इससे लोग घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं और राष्ट्रीय अभियान में भागीदार बन सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर इस सुविधा का लाभ उठाएं और सही जानकारी दर्ज करें।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजनाएं तभी प्रभावी बन सकती हैं जब उनके आधार में सटीक आंकड़े मौजूद हों। यदि जनगणना के आंकड़े सही होंगे तो सरकारें विभिन्न क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों को समझकर योजनाएं बना सकेंगी। इससे संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच सकेगा।

उन्होंने कहा कि जनगणना के माध्यम से प्राप्त जानकारी भविष्य की नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और जनहित कार्यक्रमों को दिशा देने का कार्य करती है। इसलिए नागरिकों को इस प्रक्रिया को केवल औपचारिकता न मानते हुए गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसंख्या आंकड़े किसी भी राज्य और देश की सामाजिक तथा आर्थिक स्थिति को समझने का महत्वपूर्ण आधार होते हैं।

इस अवसर पर अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित अवधि के बाद गणनाकर्मी घर-घर जाकर परिवारों और मकानों से संबंधित जानकारी एकत्रित करेंगे। इस दौरान लोगों से सहयोग करने और सही जानकारी उपलब्ध कराने की अपील की गई। प्रो. धूमल ने कहा कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही यह राष्ट्रीय अभियान सफल हो सकता है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे समय पर पंजीकरण कर इस महत्वपूर्ण कार्य में अपनी भूमिका निभाएं। उनका कहना था कि सटीक आंकड़ों पर आधारित योजनाएं ही प्रदेश और देश के संतुलित विकास का मार्ग प्रशस्त करती हैं।

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