शिमला में स्वच्छता अभियान तेज, शहर को साफ और सुंदर बनाने में जुटा प्रशासन
शिमला में स्वच्छता अभियान तेज, शहर को साफ और सुंदर बनाने में जुटा प्रशासन

Author : Man Singh

March 21, 2026 5:27 p.m. 128

शिमला शहर में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम द्वारा व्यापक स्तर पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य शहर को साफ-सुथरा, सुंदर और पर्यटकों के लिए आकर्षक बनाना है। इसके तहत सफाई कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई है, ताकि कूड़ा-कचरा समय पर उठाया जा सके और शहर में गंदगी फैलने से रोकी जा सके।

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, स्वच्छता को लेकर वार्ड स्तर पर नियमित रूप से अभियान चलाए जा रहे हैं। हर वार्ड में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कर्मचारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं और उनकी कार्यप्रणाली पर भी लगातार नजर रखी जा रही है। विशेष रूप से बाजारों, पर्यटक स्थलों और अधिक भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सफाई पर अतिरिक्त ध्यान दिया जा रहा है, क्योंकि इन क्षेत्रों में गंदगी फैलने की संभावना अधिक रहती है।

अभियान के तहत कचरे को दो अलग-अलग श्रेणियों में इकट्ठा करने की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे Waste Management को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। लोगों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए घर-घर जाकर और विभिन्न माध्यमों से नागरिकों को जानकारी दी जा रही है, ताकि वे इस प्रक्रिया को समझें और उसका पालन करें।

नगर निगम ने सफाई व्यवस्था की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है, जो प्रतिदिन विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा ले रही हैं। ये टीमें यह सुनिश्चित कर रही हैं कि सफाई कार्य समय पर और सही तरीके से हो। साथ ही, जहां कहीं भी लापरवाही पाई जाती है, वहां संबंधित कर्मचारियों और नागरिकों को चेतावनी दी जा रही है। नियमों का पालन न करने वालों पर जुर्माना लगाने की भी व्यवस्था की गई है, ताकि लोग स्वच्छता के प्रति गंभीर रहें।

शहर में जगह-जगह अलग-अलग रंगों के कूड़ेदान भी लगाए जा रहे हैं, जिससे कचरे को सही तरीके से अलग-अलग डाला जा सके। हरे रंग के डस्टबिन में गीला कचरा, पीले रंग के डस्टबिन में सूखा कचरा और काले डस्टबिन में अन्य प्रकार का कचरा डालने की व्यवस्था की गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि कचरा इधर-उधर न फैले और उसका सही तरीके से निपटान किया जा सके।

नगर निगम द्वारा पर्यटकों से भी अपील की गई है कि वे शिमला की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें। शिमला एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। ऐसे में यदि पर्यटक भी स्वच्छता के नियमों का पालन करें, तो शहर को साफ रखना और आसान हो सकता है। प्रशासन ने यह स्पष्ट किया है कि स्वच्छता बनाए रखना केवल सरकार या नगर निगम की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक और हर आगंतुक का कर्तव्य है।

इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए स्कूलों और स्थानीय संस्थानों को भी इसमें शामिल किया जा रहा है। बच्चों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है, ताकि वे अपने परिवार और समाज में भी इस संदेश को फैलाएं। प्रशासन का मानना है कि यदि बच्चों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश घर-घर तक पहुंचेगा, तो समाज में एक सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

नगर निगम ने यह भी कहा है कि आने वाले समय में इस स्वच्छता अभियान को और बड़े स्तर पर चलाने की योजना है। इसके लिए नई रणनीतियां बनाई जा रही हैं और संसाधनों को भी बढ़ाया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि शिमला को देश के सबसे स्वच्छ और सुंदर शहरों में शामिल किया जाए।

अधिकारियों का कहना है कि यदि सभी नागरिक इस अभियान में अपना पूरा सहयोग देंगे, तो शिमला को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना संभव होगा। उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, कचरा इधर-उधर न फैलाएं और नगर निगम के निर्देशों का पालन करें।

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