Author : Rajneesh Kapil Hamirpur
हमीरपुर जिले में युवाओं और बच्चों को नशे के खतरे से बचाने तथा समाज में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। जिला प्रशासन की पहल पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में स्कूली विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना तथा उन्हें स्वस्थ और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत आयोजित यह कार्यक्रम बचत भवन में होगा, जहां उपायुक्त गंधर्वा राठौड़ स्वयं विद्यार्थियों के साथ सीधा संवाद करेंगी। इस दौरान बच्चे अपने विचार साझा कर सकेंगे और नशे से जुड़े विभिन्न सवालों पर चर्चा भी कर सकेंगे। प्रशासन का मानना है कि यदि बच्चों को कम उम्र से ही सही दिशा और सही जानकारी दी जाए तो उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से बचाया जा सकता है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशा मुक्ति अभियान के महत्व के बारे में बताया जाएगा। साथ ही यह भी समझाया जाएगा कि नशा केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नहीं बल्कि उसके परिवार, समाज और भविष्य को भी प्रभावित करता है। विशेषज्ञ बच्चों को बताएंगे कि नशे की लत किस प्रकार जीवन को बर्बाद कर सकती है और इससे बचाव के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए।
इस अवसर पर विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं भाषण, पोस्टर निर्माण और नारा लेखन जैसी गतिविधियों में भाग लेंगे। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चे समाज को नशा मुक्त हिमाचल का संदेश देंगे और लोगों को जागरूक करने में अपनी भूमिका निभाएंगे। प्रशासन का मानना है कि बच्चों द्वारा दिया गया संदेश समाज पर अधिक प्रभाव छोड़ता है।
कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चे नशे के खिलाफ अपने विचार प्रस्तुत करेंगे और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प भी लेंगे। विद्यार्थियों को यह भी बताया जाएगा कि खेल, शिक्षा और रचनात्मक गतिविधियां जीवन को सकारात्मक दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा विभाग के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के शामिल होने की संभावना है। प्रशासन का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभाव से अवगत कराकर उन्हें जागरूक नागरिक बनाना है।
अधिकारियों का कहना है कि समाज से नशे की समस्या को समाप्त करने के लिए केवल प्रशासनिक कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जनभागीदारी भी आवश्यक है। इसी सोच के साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं ताकि नई पीढ़ी को सुरक्षित और नशामुक्त भविष्य प्रदान किया जा सके। यह कार्यक्रम युवाओं में सकारात्मक सोच विकसित करने और उन्हें सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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